नारायणपुर के अदनार जंगल में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता, पुराने डंप से 10 राइफल समेत हथियार और विस्फोटक बरामद

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को माओवादी विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। अदनार के जंगल में सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए पुराने डंप से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किया है।

नारायणपुर और सुकमा से हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद, एरिया डोमिनेशन  के दौरान मिली सफलता

संयुक्त टीम ने जंगल में तलाशी अभियान चलाकर 10 राइफल, 2 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, 13 जीवित BGL शेल, 16 कारतूस और करीब 2 किलो विस्फोटक जब्त किया है। बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान को और तेज कर दिया है।

अदनार के जंगल में सघन सर्चिंग के दौरान मिला डंप

जानकारी के मुताबिक, 29 अगस्त को नारायणपुर पुलिस और 129वीं वाहिनी BSF की संयुक्त टीम अदनार क्षेत्र के जंगलों में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। ग्राम अदनार के उत्तर-पश्चिम दिशा में जवानों ने जंगल के भीतर सघन तलाशी शुरू की।

इसी दौरान सुरक्षा बलों को जंगल में माओवादियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए सामान का पता चला। डंप की तलाशी लेने पर उसमें हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई।

10 राइफल और 2 ग्रेनेड लॉन्चर बरामद

सुरक्षा बलों के मुताबिक, बरामद हथियारों में एक .303 राइफल, चार .315 राइफल और पांच 12 बोर राइफल शामिल हैं। इसके अलावा दो बैरल ग्रेनेड लॉन्चर और एक टेलिस्कोपिक साइट भी बरामद की गई है।

तलाशी के दौरान 13 जीवित BGL शेल, 12 बोर के 16 कारतूस और करीब 2 किलो विस्फोटक भी मिला। सुरक्षा बलों ने बरामद सभी सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुराने माओवादी डंप की तलाश पर जोर

सुरक्षा बलों के अनुसार, बरामद सामग्री को माओवादियों ने पहले जंगल में छिपाकर रखा था। क्षेत्र में लगातार चल रहे सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान के दौरान ऐसे पुराने डंप अब सामने आ रहे हैं।

बस्तर क्षेत्र को माओवादी गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा बल जंगलों और दुर्गम इलाकों में लगातार अभियान चला रहे हैं। इसके तहत उन संभावित स्थानों की भी पहचान की जा रही है, जहां पहले माओवादियों ने हथियार, गोला-बारूद या विस्फोटक छिपाकर रखे थे।

बस्तर के जंगलों में लगातार मिल रहे पुराने डंप

पिछले कुछ महीनों में बस्तर संभाग के अलग-अलग जिलों में पुराने माओवादी डंप से हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

  • 12 मई, नारायणपुर: अबूझमाड़ के जंगल से करीब ₹1.01 करोड़ नकद, 3 AK-47, 3 SLR, अन्य राइफलें और 132 BGL शेल समेत इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर और कारडेक्स वायर बरामद किए गए थे।
  • 13 मई, बीजापुर: माओवादी ठिकानों से ₹65.52 लाख नकद, 32 हथियार, कारतूस और विस्फोटक बरामद हुए थे।
  • 3 मई, दंतेवाड़ा: बारसूर क्षेत्र के जंगल से करीब 10 किलो का पाइप बम, IED और अन्य विस्फोटक सामग्री मिली थी।
  • 29 अप्रैल, कांकेर: सर्चिंग के दौरान पांच-पांच किलो के सात कुकर IED, दो पाइप बम, कोडेक्स वायर समेत अन्य सामग्री बरामद हुई थी।
  • 30 अगस्त, नारायणपुर: अदनार जंगल में पुराने डंप से 10 राइफल, 2 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर, 13 BGL शेल, 16 कारतूस और करीब 2 किलो विस्फोटक बरामद किया गया।

अभियान में वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन

यह अभियान पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, 129वीं वाहिनी BSF के कमांडेंट मुकेश कुमार के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) अक्षय सबद्रा के मार्गदर्शन में चलाया गया।

सुरक्षा बलों का मानना है कि पुराने डंप की लगातार बरामदगी से माओवादी नेटवर्क के बचे हुए संसाधनों को नष्ट करने में मदद मिलेगी। जंगलों में छिपे हथियार और विस्फोटक बाहर आने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और भविष्य में इनके इस्तेमाल की आशंका भी कम होगी।

फिलहाल अदनार क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सर्चिंग जारी है और अन्य संभावित डंप तथा माओवादी ठिकानों की तलाश की जा रही है

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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