रायपुर। राजधानी रायपुर में बुधवार शाम मंत्रालय परिसर से कर्मचारियों को लेकर कबीर नगर जाने वाली सिटी बस में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। बस में करीब 35 कर्मचारी सवार थे। राहत की बात यह रही कि आग बस के रवाना होने से पहले ही दिखाई दे गई और सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक सीजी 04 ई 3073 नंबर की सिटी बस बुधवार शाम मंत्रालय से कर्मचारियों को लेकर कबीर नगर जाने की तैयारी में थी। कर्मचारी बस में बैठ चुके थे और बस कुछ ही देर में रवाना होने वाली थी। इसी दौरान बस के पिछले हिस्से में बैठे एक युवक ने वहां से धुआं उठता देखा और तत्काल चालक को इसकी जानकारी दी।

धुआं उठने के बाद अचानक भड़की आग
सूचना मिलते ही चालक ने बस को रोक दिया और कर्मचारियों को तत्काल नीचे उतारा जाने लगा। इसी दौरान पिछले हिस्से से निकल रहा धुआं तेजी से बढ़ा और कुछ ही देर में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। देखते ही देखते आग ने बस के पिछले हिस्से को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।
आग तेजी से फैलने के कारण कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन समय रहते सभी लोग बस से बाहर निकल गए। इस वजह से बड़ा हादसा टल गया। बताया जा रहा है कि आग इतनी भीषण थी कि करीब 20 मिनट के भीतर बस का अधिकांश हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो गया।
दमकल ने मौके पर पहुंचकर बुझाई आग
घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल टीम को मौके पर बुलाया गया। आग बुझाने से पहले मंत्रालय परिसर में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों की मदद से भी आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। कर्मचारियों के अनुसार परिसर में रखे करीब 10-10 किलो क्षमता वाले अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण इसका ज्यादा असर नहीं हुआ।
इसके बाद दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाया। आग लगने के दौरान बस से उठता काला धुआं और लपटें काफी दूर तक दिखाई दे रही थीं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच के बाद स्पष्ट होगी वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। यह भी जांच का विषय होगा कि बस के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में किस तरह की खराबी थी और वाहन की फिटनेस एवं मेंटेनेंस की स्थिति क्या थी।
नगर निगम रायपुर के एडिशनल कमिश्नर लोकेश्वर साहू के मुताबिक शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि घटना की पूरी जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
करीब 14 साल पुरानी बस, मेंटेनेंस पर उठे सवाल
घटना के बाद मंत्रालय में कर्मचारियों के परिवहन के लिए संचालित बसों की फिटनेस और रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि आग लगने वाली बस करीब 14 साल पुरानी है। कर्मचारियों का कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी जिन बसों से सफर करते हैं, उनकी नियमित फिटनेस जांच और मेंटेनेंस व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
कर्मचारियों ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि बस के रवाना होने के बाद उसमें आग लगती और वाहन सड़क पर चल रहा होता, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। समय रहते आग का पता चलना और कर्मचारियों का बस से बाहर निकल जाना इस घटना में सबसे बड़ी राहत रही।
कर्मचारियों ने जताया विरोध, 24 सितंबर को प्रदर्शन का फैसला
बस में आग लगने की घटना के बाद कर्मचारियों में नाराजगी भी सामने आई है। कर्मचारी संघ ने बसों की खराब स्थिति और रखरखाव को लेकर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है। संघ के अनुसार 24 सितंबर की सुबह कर्मचारी कार्यालय में प्रवेश नहीं करेंगे और मंत्रालय के मुख्य द्वार पर एकत्र होकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराएंगे।
कर्मचारी संघ का कहना है कि बसों के खराब मेंटेनेंस को लेकर पहले भी रजिस्ट्रार शाखा और एनआरडीए के अधिकारियों से चर्चा की जाती रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि इसके बावजूद बसों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
अब इस घटना के बाद मंत्रालय से संचालित कर्मचारी बसों की फिटनेस, अग्निशमन व्यवस्था, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और नियमित मेंटेनेंस की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
Author: Khabri Chai
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