महंगाई से जनता की जेब ढीली, थैला खाली

रायपुर। सावन और बारिश के बीच राजधानी रायपुर में फल और सब्जियों के दामों में तेजी देखने को मिल रही है। बारिश के मौसम में आवक कमजोर होने और त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने का सीधा असर बाजार पर पड़ा है। आम आदमी के लिए रोजमर्रा की सब्जियों से लेकर फलों की खरीदारी तक महंगी होती जा रही है। सबसे ज्यादा तेजी प्याज के दाम में देखने को मिली है, जिसकी कीमत करीब 10 दिनों में दोगुनी से ज्यादा हो गई है।

प्याज के दाम हुए दोगुने

थोक सब्जी मंडी के अध्यक्ष टी. श्रीनिवास रेड्डी के मुताबिक, करीब 10 दिन पहले प्याज 25 से 30 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रहा था। अब इसकी कीमत बढ़कर 60 से 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं लहसुन के थोक भाव भी करीब 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।

चिल्लर बाजार में लहसुन 280 से 300 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। इसके अलावा मूनगा, खेखसी, परवल और फूलगोभी जैसी सब्जियों के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। फूलगोभी की कीमत चिल्लर बाजार में करीब 80 से 100 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है।

हालांकि, टमाटर की कीमत फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए राहत देने वाली है। टमाटर चिल्लर बाजार में करीब 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।

महंगाई से जनता की जेब ढीली थैला खाली, फल सब्जियों के दाम में उछाल

दक्षिण भारत में त्योहारी मांग का असर

सब्जी कारोबारियों के मुताबिक प्याज की कीमत बढ़ने के पीछे दक्षिण भारत में त्योहारी सीजन भी एक प्रमुख वजह है। ओणम सहित अन्य त्योहारों के चलते दक्षिण भारत में प्याज की मांग बढ़ गई है। अच्छी क्वालिटी के प्याज की मांग वहां अधिक होने के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

रायपुर में सामान्य दिनों में रोजाना करीब 15 से 20 ट्रक प्याज की आवक होती थी, लेकिन वर्तमान में यह घटकर लगभग 8 से 10 ट्रक रह गई है। आवक कम होने और मांग बढ़ने के कारण प्याज के भाव में तेजी आई है।

छत्तीसगढ़ में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और मध्य प्रदेश से बड़ी मात्रा में सब्जियों की आवक होती है। वहीं इस समय फूलगोभी महाराष्ट्र और लहसुन राजस्थान से आ रहा है।

फलों के दाम में भी उछाल

सब्जियों के साथ-साथ फलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। फल कारोबारियों के मुताबिक सावन और त्योहारी सीजन में फलों की मांग बढ़ गई है। इसके साथ ही बारिश के कारण फलों की आवक भी प्रभावित हुई है।

कुछ फलों की कीमत में 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है, जबकि कुछ फलों के दाम 50 से 100 रुपये प्रति किलो तक बढ़े हैं। कारोबारियों के अनुसार इस समय सेब, अंगूर और आम की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।

अनार के दाम भी बढ़े

फल कारोबारी सतीश सोनकर के मुताबिक अनार की कीमत में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। पहले अनार करीब 80 से 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जिसकी कीमत अब बढ़कर 150 से 160 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

बारिश और सावन के दौरान फलों की मांग बढ़ने के साथ उनकी आवक प्रभावित होने से बाजार में कीमतों पर असर पड़ा है। कारोबारियों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक फलों के दाम ऊंचे बने रह सकते हैं।

बारिश से आवक प्रभावित, मांग बढ़ी

फल और सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे बारिश को भी बड़ी वजह माना जा रहा है। बारिश के कारण कई बार खेतों और परिवहन के दौरान फल-सब्जियां खराब हो जाती हैं, जिससे बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों की उपलब्धता कम हो जाती है।

एक ओर आवक कम है, वहीं सावन और त्योहारी सीजन के कारण मांग बढ़ी हुई है। ऐसे में इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है और आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।

कारोबारियों के मुताबिक बारिश का दौर खत्म होने और मंडियों में आवक सामान्य होने के बाद फल और सब्जियों की कीमतों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल महंगे प्याज, लहसुन और फलों ने आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।

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Author: Khabri Chai

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