नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की ओर से विपक्ष की प्रमुख मांग पर चर्चा के लिए गृह मंत्री अमित शाह के तैयार होने के बावजूद सदन की कार्यवाही को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस ज्यादती के मुद्दे पर गृह मंत्री के बयान की मांग के बाद अब कांग्रेस ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर चर्चा की मांग उठाई है।
पुलिस ज्यादती के मुद्दे पर अमित शाह के बोलने की तैयारी
संसद में विपक्ष लगातार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा था। विपक्ष की मांग थी कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में इस मुद्दे पर बयान दें और पूरे मामले पर चर्चा कराई जाए।
सरकार की ओर से गृह मंत्री के सदन में बयान देने और चर्चा के लिए तैयार होने की बात सामने आने के बाद माना जा रहा था कि संसद में जारी गतिरोध खत्म हो सकता है। हालांकि, इसके बाद भी विपक्ष और सरकार के बीच सहमति नहीं बन सकी।

कांग्रेस ने उठाया राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा
अब कांग्रेस की ओर से राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला उठाया जा रहा है। विपक्ष इस मुद्दे पर भी सदन में चर्चा की मांग कर रहा है।
सरकार का आरोप है कि विपक्ष लगातार अपनी मांग बदल रहा है। पहले गृह मंत्री के बयान और पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग की जा रही थी, लेकिन अब नया मुद्दा सामने आने के बाद संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने को लेकर चुनौती बनी हुई है।
सरकार ने बनाई नई रणनीति
मानसून सत्र के आखिरी दिनों में महत्वपूर्ण विधायी कामकाज पूरा करने के लिए सरकार ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी सिलसिले में गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच बैठक भी हुई।
सरकार की प्राथमिकता सत्र के बचे हुए दिनों में महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन से पारित कराने की है। इनमें विदेशी अनुदान विनियमन कानून यानी FCRA से जुड़े संशोधन तथा महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संवैधानिक संशोधन जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
परिसीमन से जुड़े संशोधन को लेकर जरूरी आंकड़ों और तैयारियों का काम पूरा होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, विधेयक को सदन में पेश करने को लेकर अंतिम निर्णय सरकार की ओर से लिया जाना बाकी है।
ओम बिरला ने विपक्ष से की सहयोग की अपील
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की है।
उन्होंने विपक्षी दलों से कहा कि जिन मुद्दों पर वे चर्चा चाहते हैं, उन्हें सदन में उठाया जाए और व्यवधान के बजाय चर्चा एवं संवाद के माध्यम से अपनी बात रखी जाए।
स्पीकर ने यह भी कहा कि संसद में चर्चा और संवाद के जरिए ही महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक निष्कर्ष तक पहुंचा जा सकता है। उन्होंने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने और कार्यवाही को प्रभावी बनाने में सहयोग देने का आग्रह किया।
तीन हफ्ते हंगामे की भेंट, अब आखिरी दिनों पर नजर
मानसून सत्र के दौरान पिछले करीब तीन सप्ताह से संसद में लगातार हंगामा और विरोध देखने को मिला है। कई मौकों पर विपक्षी सांसदों के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
अब सत्र के बचे हुए दिनों में सरकार महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है। ऐसे में संसद का गतिरोध कब खत्म होगा और क्या सरकार अपने महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करा पाएगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
फिलहाल गृह मंत्री के बयान के लिए सरकार की सहमति के बावजूद विपक्ष की नई मांग सामने आने से सियासी टकराव जारी है। आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बातचीत और रणनीति दोनों अहम रहने वाली हैं।
Author: Khabri Chai
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