रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद खत्म हो चुका है, लेकिन अब ‘दिमागी नक्सली’ दिल्ली में बैठकर देश के लोकतंत्र और व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। शुक्रवार को रायपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष के आरोपों पर जवाब दिया।

त्रिवेदी ने कांग्रेस पर देश में भ्रम और अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को निशाना बना रही है।
SIR पर कांग्रेस के सवालों का दिया जवाब
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) तीन बार मतदाताओं के घर जाते हैं। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए राजनीतिक दलों को भी अपने प्रतिनिधि नियुक्त करने का अधिकार दिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि देशभर में ऐसे एजेंटों की संख्या करीब 22 लाख है। त्रिवेदी ने कांग्रेस से सवाल किया कि जब राजनीतिक दलों के पास अपने प्रतिनिधि नियुक्त करने और आपत्तियां दर्ज कराने का अधिकार है, तो फिर प्रक्रिया पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि यदि जिला और प्रदेश स्तर के नेताओं ने समय रहते अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं कराईं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
भाजपा सांसद ने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम घोषित हुए अभी 15 दिन ही हुए हैं, जबकि आपत्ति दर्ज कराने के लिए 45 दिनों का समय निर्धारित है। ऐसे में कांग्रेस को तय समय-सीमा पूरी होने का इंतजार करना चाहिए, न कि प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाना चाहिए।
पहले EVM, अब वोटर लिस्ट पर सवाल: त्रिवेदी
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल खड़े करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर सवाल उठाती थी और अब मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर संदेह जता रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी नतीजे पक्ष में नहीं आने पर कांग्रेस कभी EVM तो कभी मतदाता सूची को मुद्दा बनाती है। त्रिवेदी के मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्तियां दर्ज करानी चाहिए।
कांग्रेस की नीति ‘बांटो और बर्बाद करो’: भाजपा सांसद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए समाज और देश को बांटने का आरोप भी लगाया। अंग्रेजों की नीति ‘बांटो और राज करो’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अंग्रेजों का मकसद देश को बांटकर शासन करना था, जबकि कांग्रेस ‘बांटो और बर्बाद करो’ की नीति पर चल रही है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और तेजी से एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। यह स्थिति दुनिया की कई ताकतों को पसंद नहीं आ रही है। उनके अनुसार, इसी कारण देश में अलग-अलग तरह के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब उनकी इच्छा के मुताबिक फैसले नहीं होते, तो उनका व्यवहार सामने आ जाता है। उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को स्वीकार करने के बजाय उन पर संदेह जताने का रास्ता अपना रही है।
रायपुर में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने नक्सलवाद, SIR, EVM और राहुल गांधी के मुद्दों को लेकर कांग्रेस को घेरा। उनके बयानों से छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।
Author: Khabri Chai
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