गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। हरेली तिहार के अवसर पर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने डोंगरिया के चारागाह स्थल में पौधरोपण कर जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण और हरियाली विस्तार का संदेश दिया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित जिला स्तरीय वृक्षारोपण एवं हरेली उत्सव में जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों, विद्यार्थियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और अधिकारी-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
प्रभारी मंत्री ने ‘हरित जीपीएम अभियान’ के तहत जिले में 3 लाख 36 हजार से अधिक पौधों के रोपण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि हरेली जैसे प्रकृति और कृषि से जुड़े पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपरा को नई दिशा देने वाला कदम है। उन्होंने रोपित पौधों की नियमित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
कृषि यंत्रों की पूजा के साथ शुरू हुआ आयोजन
जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक कृषि यंत्र नागर एवं कोपर की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद डोंगरिया के चारागाह स्थल में पौधरोपण किया गया। बाद में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डोंगरिया के सभागार में मंचीय कार्यक्रम आयोजित हुआ।
प्रभारी मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की कृषि, प्रकृति और लोकजीवन से गहराई से जुड़ा पर्व है। ऐसे अवसर पर जनभागीदारी से जिले को हरा-भरा, स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करना सराहनीय पहल है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण, हरियाली विस्तार और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का भी किया उल्लेख
विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि हरेली खुशहाली, सुख-समृद्धि और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व है। इस अवसर पर पौधरोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना समाज के हर वर्ग को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे बड़ा करना और उसकी सुरक्षा करना भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
गांव से शहर तक चला ‘हरित जीपीएम अभियान’
कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने बताया कि हरित जीपीएम अभियान को जिले के सभी वर्गों की सहभागिता से व्यापक स्वरूप दिया गया है। अभियान के तहत ग्राम पंचायतों, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावास-आश्रमों, स्वास्थ्य केंद्रों और शासकीय कार्यालय परिसरों में पौधरोपण किया गया।
इसके अलावा गौठानों, चारागाहों, सड़क एवं नदी किनारे, अमृत सरोवरों तथा प्रधानमंत्री आवास परिसरों में भी पौधे लगाए गए। अभियान के तहत जिले में 3.36 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया है।
कलेक्टर ने जिलेवासियों से पौधरोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और संवर्धन को भी अभियान का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाले वर्षों में जिले की हरियाली, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का रोपण
हरित जीपीएम अभियान के अंतर्गत विभिन्न वानिकी, फलदार और औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इनमें आम, जामुन, अमरूद, नींबू, मुनगा, कटहल, हर्रा, बहेरा, करंज, आंवला, महुआ, सीताफल और बांस सहित अनेक प्रजातियां शामिल हैं।
इन पौधों से जिले के हरित आवरण में वृद्धि के साथ स्थानीय स्तर पर फलदार और उपयोगी वृक्षों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। वहीं औषधीय और वानिकी प्रजातियां पर्यावरणीय संतुलन तथा जैव विविधता संरक्षण में भी योगदान देंगी।
पौधों की सुरक्षा का लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय ने रोपित पौधों को सुरक्षित रखने, नियमित देखभाल करने और उन्हें जीवित रखने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण को केवल पौधरोपण तक सीमित न रखते हुए उनके संरक्षण और संवर्धन को भी जनभागीदारी से आगे बढ़ाया जाना जरूरी है।
हरेली के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की कृषि एवं लोकपरंपरा और पर्यावरण संरक्षण के बीच मजबूत संबंध को दर्शाता है। पारंपरिक कृषि यंत्रों की पूजा से शुरू हुआ आयोजन पौधरोपण और उनके संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष श्री मुकेश दुबे, जनपद पंचायत मरवाही की अध्यक्ष श्रीमती जानकी कुशरो, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज खिलारी, वनमंडलाधिकारी श्री निशांत कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
Author: Khabri Chai
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