अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव: अब 6 साल तक सेना में सेवा कर सकेंगे अग्निवीर, नियमित सैनिक बनने का भी मिलेगा मौका

नई दिल्ली। भारतीय सेना में भर्ती होने वाले युवाओं के लिए अग्निपथ योजना से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि को चार साल से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित कैडर में चयनित नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बाद छह साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने के लिए एक और अवसर मिलेगा। हालांकि, नियमित सेवा में शामिल होना स्वतः नहीं होगा। इसके लिए संबंधित अग्निवीरों की सहमति और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।

Centre Extends Agniveer Service By Two Years, Opens Path To Six-Year Tenure  | Outlook India

पहले 25 प्रतिशत होते थे नियमित, अब बाकी अग्निवीरों को भी मिलेगा दूसरा मौका

जून 2022 में शुरू हुई अग्निपथ योजना के मूल प्रावधानों के तहत अग्निवीरों को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता था। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन, योग्यता और सेना की जरूरतों के आधार पर नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान था। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से मुक्त होना पड़ता था।

अब नई व्यवस्था में चार साल बाद नियमित नहीं चुने गए अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। छह साल पूरे होने के बाद वे दोबारा नियमित सैनिक बनने के लिए विचार किए जाने के पात्र होंगे। इच्छुक और निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

इस फैसले का उद्देश्य अनुभवी और प्रशिक्षित जवानों की सेवाओं का अधिक समय तक उपयोग करना तथा अग्निवीरों को सेना में स्थायी करियर बनाने का अतिरिक्त अवसर देना है।

पांचवें और छठे साल में कितना मिलेगा वेतन?

अतिरिक्त दो साल की सेवा के दौरान अग्निवीरों को पहले की तुलना में अधिक मासिक पारिश्रमिक दिया जाएगा। घोषित व्यवस्था के अनुसार वेतन इस प्रकार होगा:

  • पांचवां साल: ₹43,500 प्रतिमाह
  • छठा साल: ₹47,500 प्रतिमाह

इसके साथ सेवा निधि पैकेज में भी बढ़ोतरी का प्रावधान किया गया है। अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान सेवा निधि में अग्निवीरों के योगदान के मुकाबले सरकार का योगदान बढ़ाकर 70 प्रतिशत किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे छह साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्निवीरों को पहले की तुलना में बेहतर वित्तीय लाभ मिल सकेगा।

नियमित सैनिक बनने के लिए क्या होंगे नियम?

छह साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी अग्निवीर स्वतः स्थायी हो जाएंगे। चयन के लिए उनकी इच्छा और निर्धारित मानदंड महत्वपूर्ण होंगे।

चयन प्रक्रिया में शारीरिक फिटनेस, सेवा के दौरान प्रदर्शन, अनुशासन, प्रेरणा और अन्य निर्धारित योग्यताओं को महत्व दिया जाएगा। सेना की आवश्यकताओं और लागू चयन नियमों के अनुसार ही नियमित कैडर में शामिल करने का निर्णय लिया जाएगा।

जो अग्निवीर अतिरिक्त दो साल की सेवा नहीं करना चाहते, उनके लिए सेवा से बाहर होने का विकल्प भी रहेगा।

पहले बैच के हजारों अग्निवीरों को मिल सकता है लाभ

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अग्निपथ योजना के पहले बैच के हजारों अग्निवीर अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं। वर्ष 2026 के अंत तक करीब 18,300 अग्निवीरों के सेवा से बाहर होने की संभावना बताई गई थी।

नई व्यवस्था से इन अग्निवीरों को भी अतिरिक्त सेवा का अवसर मिल सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ संबंधित बैच पर लागू नियमों और सरकार की विस्तृत कार्यान्वयन व्यवस्था के अनुसार तय होगा।

वरिष्ठता, पेंशन और सेवा शर्तों पर क्या होगा असर?

नई व्यवस्था के तहत चार साल पूरे होने पर नियमित कैडर में शामिल होने वाले अग्निवीरों और छह साल की सेवा के बाद नियमित होने वाले अग्निवीरों की वरिष्ठता में अंतर हो सकता है। इसके अलावा नियमित सेवा में शामिल होने के बाद लागू होने वाली सेवा शर्तों, पदोन्नति और पेंशन संबंधी नियमों को समझने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।

अग्निवीरों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अतिरिक्त दो साल की सेवा और नियमित सैनिक के रूप में चयन दो अलग-अलग चरण हैं। केवल छह साल की सेवा पूरी कर लेने से नियमित नियुक्ति या पेंशन का अधिकार स्वतः नहीं मिल जाता; इसके लिए लागू नियमों और चयन शर्तों का पालन जरूरी होगा।

अग्निपथ योजना रहेगी जारी

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि अग्निपथ योजना बंद नहीं की जा रही है। तीनों सेनाओं में इसके तहत भर्ती जारी रहेगी। नई व्यवस्था को योजना की समीक्षा और सेना के अनुभवों के आधार पर लागू किया जा रहा है।

अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को हुई थी। इसका उद्देश्य सेना को युवा, शारीरिक रूप से सक्षम और आधुनिक सैन्य जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित जवान उपलब्ध कराना था। नई व्यवस्था से अब अग्निवीरों को चार साल के बाद सेवा छोड़ने के बजाय दो साल अतिरिक्त सेवा और नियमित कैडर में चयन का एक और अवसर मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने फैसले का किया स्वागत

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे दूरदर्शी और सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त सेवा अवधि से अग्निवीरों के अनुभव, कौशल और क्षमता का राष्ट्रहित में बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अग्निवीरों ने अपने जोश, जज्बे और अनुशासन से खुद को साबित किया है और नई व्यवस्था उन्हें आगे बढ़ने का अतिरिक्त अवसर देगी।

कुल मिलाकर, अग्निपथ योजना में यह बदलाव सेना में सेवा करने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है। अब चार साल बाद नियमित चयन से वंचित अग्निवीरों को दो साल और सेवा करने तथा छह साल पूरे होने के बाद नियमित सैनिक बनने के लिए दोबारा अवसर पाने का रास्ता मिलेगा।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

Khabri Chai news portal.

Advertisement Carousel
space for Adv.

यह भी देखें...