
संसद का बजट सत्र आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के संयुक्त अभिभाषण से लोकसभा और राज्यसभा में की गई। यह बजट सत्र आगामी 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा, जिसमें केंद्र सरकार देश की आर्थिक दिशा, नीतियों और विकास योजनाओं को लेकर अहम प्रस्ताव पेश करेगी।
राष्ट्रपति अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों, नीतिगत प्राथमिकताओं और भविष्य की कार्ययोजना को संसद के दोनों सदनों के सामने रखेंगे। यह अभिभाषण बजट सत्र की दिशा और सरकार के एजेंडे को स्पष्ट करता है। इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर दोनों सदनों में चर्चा होगी, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं।
इस बजट सत्र को खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया जाएगा। आम लोगों की नजरें महंगाई, रोजगार, किसानों, युवाओं, मध्यम वर्ग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े एलानों पर टिकी हैं। साथ ही रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रावधानों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है

सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश कर सकती है, जिनमें आर्थिक सुधार, प्रशासनिक बदलाव और सामाजिक कल्याण से जुड़े कानून शामिल हो सकते हैं। वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की स्थिति और संघीय ढांचे जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सुरक्षा के मद्देनज़र संसद परिसर और उसके आसपास कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी सांसदों से सहयोग की अपील की गई है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह बजट सत्र काफी अहम रहने वाला है, क्योंकि इसमें सरकार की आर्थिक नीतियों का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। वहीं यह सत्र आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, संसद का बजट सत्र देश की आर्थिक और राजनीतिक दिशा तय करने वाला माना जा रहा है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
Author: Khabri Chai
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