
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे अश्लील सीडी कांड को लेकर एक बार फिर कानूनी और सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल अब इस मामले में सेशन कोर्ट के हालिया फैसले को चुनौती देने की तैयारी में हैं। जानकारी के मुताबिक, भूपेश बघेल जल्द ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (CG High Court) का रुख करेंगे और दोबारा ट्रायल (री-ट्रायल) की मांग को लेकर याचिका दायर करेंगे।
बताया जा रहा है कि सेशन कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय से असंतुष्ट भूपेश बघेल ने अपने कानूनी सलाहकारों से विस्तृत चर्चा के बाद हाईकोर्ट जाने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि ट्रायल के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों और सबूतों पर समुचित रूप से विचार नहीं किया गया, जिससे न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
भूपेश बघेल का आरोप है कि यह मामला शुरू से ही राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित रहा है और उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से इस प्रकरण को तूल दिया गया। उन्होंने पहले भी सार्वजनिक मंचों से कहा है कि अश्लील सीडी कांड पूरी तरह से एक साजिश है और सत्य सामने लाने के लिए वे न्यायिक लड़ाई अंतिम स्तर तक लड़ेंगे।
गौरतलब है कि अश्लील सीडी कांड छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस समय सुर्खियों में आया था, जब एक कथित सीडी सामने आई थी, जिसे लेकर कई नेताओं और अधिकारियों के नाम जोड़े गए थे। इस मामले में जांच, बयानबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लंबे समय तक चलते रहे।

सेशन कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी थी और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया तथा निष्पक्ष न्याय के खिलाफ बताया था। पार्टी नेताओं का कहना है कि भूपेश बघेल को जानबूझकर निशाना बनाया गया और अब हाईकोर्ट में सच्चाई सामने आएगी।
वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भूपेश बघेल का हाईकोर्ट जाना केवल कानूनी कदम नहीं, बल्कि आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर भी इसका असर पड़ सकता है। इस मामले की अगली सुनवाई और हाईकोर्ट का रुख अब सभी की निगाहों में रहेगा।
अब देखना होगा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट इस मामले में दोबारा ट्रायल को लेकर क्या रुख अपनाता है और क्या इस बहुचर्चित कांड में कोई नया मोड़ आता है।
Author: Khabri Chai
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