
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार को खुफिया जानकारी मिलने के बाद डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड) की टीम को अभियान पर रवाना किया गया।
अभियान के दौरान गुरुवार सुबह करीब 7 बजे से डीआरजी और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो अब तक रुक-रुक कर जारी है। दोनों पक्षों से फायरिंग की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बताया कि यह क्षेत्र दुर्गम और संवेदनशील है, इसलिए सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन में सुरक्षा बलों की रणनीति और एहतियात को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि किसी भी तरह के आकस्मिक नुकसान से बचा जा सके। डीआरजी ने आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की चेतावनी भी जारी की है।
माओवादी प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई राज्य सरकार की नक्सल विरोधी नीति के अनुरूप की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य माओवादियों की मौजूदगी को समाप्त करना और क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बीजापुर जिले के दक्षिणी क्षेत्र में मुठभेड़ होने के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने जनता से सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।
इस मुठभेड़ को लेकर अभी तक किसी के घायल या मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
Author: Khabri Chai
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