
दुर्ग। जिले में एक नाबालिग द्वारा अपने अपहरण की झूठी कहानी रचने का मामला सामने आया है। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के अवैध सौदों के नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, नाबालिग ने अपने परिजनों को फोन कर बताया था कि उसका अपहरण हो गया है और अपहरणकर्ताओं ने उससे 3 लाख रुपये की फिरौती मांगी है। बाद में बातचीत के दौरान यह रकम घटकर 50 हजार रुपये तक आ गई।
नाबालिग के बड़े भाई आशीष ठाकुर ने इस कॉल के बाद भिलाई तीन थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसी दौरान नाबालिग ने दोबारा फोन कर बताया कि कथित अपहरणकर्ता उसे छोड़ चुके हैं और वह घर लौट रहा है। इससे पुलिस को शक हुआ।
पुलिस ने रास्ते में ही नाबालिग को रोककर उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। दरअसल वह म्यूल बैंक खाते खरीदने और बेचने के अवैध काम में शामिल था। म्यूल खाते ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका इस्तेमाल अक्सर साइबर ठगी और संदिग्ध पैसों के लेन-देन के लिए किया जाता है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि 3 मार्च को नाबालिग अपने घर से दोस्त की शादी में जाने का बहाना बनाकर निकला था। इसके बाद वह खाते बेचने के लिए धनबाद गया था। वहां जिन लोगों से उसकी बातचीत हुई थी, उन्होंने खाते खरीदने से मना कर दिया और पहले दिए गए अग्रिम पैसे वापस मांगने लगे।
पैसे लौटाने का दबाव बढ़ने पर नाबालिग घबरा गया। उसे डर था कि अगर पैसे वापस नहीं किए तो परेशानी बढ़ सकती है। इसी वजह से उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपने ही अपहरण की कहानी बनाने की योजना बनाई ताकि परिवार से पैसे मंगाकर मामला सुलझाया जा सके।
मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम धनबाद पहुंची और घटना से जुड़े स्थानों की जांच की। इस कार्रवाई में धनबाद और झारसुगुड़ा से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 2 अन्य आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 318(4) और 62 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
Author: Khabri Chai
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