
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव के बीच छत्तीसगढ़ में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को फिलहाल सीमित कर दिया गया है। इसका सीधा असर राज्य के होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ रहा है, जहां कमर्शियल गैस सिलेंडरों का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।
हालांकि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है और प्रदेश में घरेलू सिलेंडरों की किसी प्रकार की कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में संचालित सभी एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त मात्रा में घरेलू गैस का स्टॉक मौजूद है और इसकी आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।
प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में राज्य में ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था, स्टॉक और वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि प्रदेश में कुल पांच एलपीजी बॉटलिंग प्लांट संचालित हैं और इन सभी प्लांटों में घरेलू गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इसके चलते आम उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण प्रणाली पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र में आपूर्ति बाधित न हो।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में कमर्शियल गैस की आपूर्ति को नियंत्रित करना एक एहतियाती कदम है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी और गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
यदि किसी उपभोक्ता को गैस की आपूर्ति से संबंधित किसी प्रकार की समस्या या शिकायत होती है, तो इसके लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है। नागरिक इस नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सरकार का कहना है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
Author: Khabri Chai
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