
दुर्ग, 13 मार्च। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वाहन चेकिंग के दौरान विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य आशा मिश्रा के पति विक्की मिश्रा ने पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप करते हुए हंगामा किया और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से बहस व धक्का-मुक्की की। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार यह मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है। यातायात प्रभारी पी.डी. चंद्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायत में बताया गया है कि 11 मार्च की रात पुलिस टीम शहर में वाहन जांच अभियान चला रही थी। टीम में आरक्षक भुमिंद्र वर्मा, नीलकंठ यदु और विनीत तिवारी शामिल थे।

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलगांव चौक में शाम लगभग सात बजे से रात दस बजे तक वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान वेगनआर कार चला रहे तुलसीराम नामक युवक को रोका गया। जांच के दौरान चालक के शराब के नशे में होने की आशंका पर पुलिस ने ब्रीथ एनालाइजर से जांच की प्रक्रिया शुरू की और नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी।
बताया गया कि इसी दौरान रात करीब 9 बजकर 15 मिनट पर ज्ञानेश्वर मिश्रा उर्फ विक्की मिश्रा अपनी पत्नी आशा मिश्रा के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने खुद को जनप्रतिनिधि से जुड़ा बताते हुए कार्रवाई रुकवाने की कोशिश की। इसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों और उनके बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
पुलिसकर्मियों का आरोप है कि बहस के दौरान गाली-गलौज की गई और ड्यूटी कर रहे एक आरक्षक को धमकी भी दी गई। साथ ही धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद एक व्यक्ति के साथ हाथापाई भी हुई।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि हंगामे के बीच शराब के नशे में वाहन चलाने वाले चालक को कार सहित वहां से जाने दिया गया, जिससे उसके खिलाफ मोटर वाहन कानून के तहत की जाने वाली कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Author: Khabri Chai
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