
“लोग मिलते गए और कारवां बनता गया” — यह पंक्ति छत्तीसगढ़ के चार दोस्तों की सेवा भावना पर बिल्कुल सटीक बैठती है। इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए इन चार दोस्तों ने जरूरतमंदों के लिए ऐसा अभियान शुरू किया, जो आज हजारों लोगों के लिए सहारा बन चुका है।
दरअसल, 4 जून 2022 को महावीर जयंती के अवसर पर उद्योग मंत्री के ओएसडी राजेश सिंघवी, रिटायर्ड आईजी विनीत खन्ना, रिटायर्ड जज प्रदीप सोनी और व्यवसायी सुधीर शाह ने मिलकर एक भंडारे का आयोजन किया था। उस दिन उन्होंने अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों की स्थिति करीब से देखी। कई लोग अपने बीमार परिजनों की देखभाल में इतने व्यस्त थे कि उन्हें भोजन तक नसीब नहीं हो पा रहा था।
यह दृश्य इन चारों मित्रों के दिल को छू गया। उसी दिन उन्होंने संकल्प लिया कि वे जरूरतमंदों को रोजाना भोजन उपलब्ध कराएंगे। शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन सेवा की यह पहल धीरे-धीरे एक बड़े कारवां में बदलती चली गई।
आज इस सेवा अभियान को 1364 दिन पूरे हो चुके हैं और इस दौरान करीब 2.5 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है। हर दिन अस्पतालों के बाहर या आसपास जरूरतमंद लोगों को भोजन बांटा जाता है, ताकि कोई भी भूखा न रहे।
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें समय के साथ कई लोग जुड़ते गए। समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग इस नेक काम में सहयोग कर रहे हैं। कोई आर्थिक मदद कर रहा है तो कोई स्वयंसेवक बनकर भोजन वितरण में हाथ बंटा रहा है।
चार दोस्तों की यह पहल अब केवल एक भंडारे तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुकी है। जरूरतमंदों की सेवा करने की उनकी भावना ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।
आज यह अभियान न केवल मरीजों के परिजनों के लिए सहारा बना हुआ है, बल्कि यह भी साबित कर रहा है कि अगर इरादे नेक हों तो कुछ लोग मिलकर भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
Author: Khabri Chai
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