
रायपुर, 15 मार्च 2026 | राजधानी रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र में बने एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब ओवरब्रिज के स्लैब का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। गनीमत रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त नीचे से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि निर्माण के दौरान कंक्रीट स्लैब डालते समय तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया।
जानकारी के अनुसार स्लैब में पर्याप्त मात्रा में लोहे का सरिया नहीं लगाया गया था। तकनीकी मानकों के मुताबिक स्लैब के भीतर मजबूत स्टील का जाल और लगभग 75 मिमी कंक्रीट कवर देना जरूरी होता है, ताकि पुल या ओवरब्रिज भारी ट्रैफिक और कंपन को सहन कर सके। लेकिन जांच में सामने आया कि स्लैब में तय मानकों के अनुसार कवर और सरिया का उपयोग नहीं किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि वाइब्रेशन और लगातार ट्रैफिक के दबाव के कारण स्लैब में पहले से दरारें पड़ने लगी थीं, जो समय के साथ बढ़ती गईं और अंततः स्लैब का एक हिस्सा टूटकर गिर गया। मौके पर गिरे हुए कंक्रीट के हिस्सों की जांच के दौरान भी यह स्पष्ट हुआ कि अंदर पर्याप्त सरिया नहीं डाला गया था।
सूत्रों के मुताबिक तेलीबांधा ओवरब्रिज के कुछ अन्य हिस्सों में भी ढीलापन और तकनीकी खामियां होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को देखते हुए अधिकारियों ने पूरे स्ट्रक्चर की तकनीकी जांच कराने और आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द शुरू कराने की बात कही है।
फिलहाल इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को दी गई है और विभागीय स्तर पर जांच की तैयारी की जा रही है। अगर जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही या नियमों की अनदेखी साबित होती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
Author: Khabri Chai
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