रायपुर। प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे राजस्व विभाग का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हड़ताल के कारण आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं, वहीं जमीनों की रजिस्ट्री, नामांतरण और सरकारी रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार जैसे कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार माणिकपुरी के बीच हुए विवाद के बाद प्रदेश के 456 तहसीलदार और नायब तहसीलदार आंदोलन पर उतर आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो राजस्व अमला कामकाज पूरी तरह बंद करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
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छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने पुलिस कार्रवाई की धीमी गति पर नाराजगी जताई है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि दोषियों की गिरफ्तारी होते ही हड़ताल समाप्त कर दी जाएगी।
हड़ताल का सबसे अधिक असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। स्कूल-कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बीच विद्यार्थियों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं विभिन्न शासकीय योजनाओं और दस्तावेजी कार्यों में भी देरी हो रही है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश के तहसील कार्यालयों में प्रतिदिन सैकड़ों मामलों का निराकरण होता है, लेकिन हड़ताल के चलते अधिकांश कार्य ठप पड़े हैं। इससे राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी डिजिटल सेवाओं और राजस्व संबंधी योजनाओं पर भी असर पड़ रहा है।
Author: Khabri Chai
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