कहते हैं कि एक डॉक्टर के हाथ में भगवान की दी हुई वो शक्ति होती है जो दुनिया में नई जिंदगी लाती है। जब यही जिम्मेदारी एक जनप्रतिनिधि के कंधों पर भी हो, तो समाज की सेवा का जज्बा दोगुना हो जाता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है रायपुर नगर निगम की एमआईसी सदस्य और पेशे से प्रख्यात स्त्री रोग विशेषज्ञ (गाइनेकोलॉजिस्ट) डॉ. अनामिका सिंह ने। उन्होंने राजनीति और जनसेवा की व्यस्तताओं के बीच एक बार फिर अपनी चिकित्सकीय जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखते हुए आपातकालीन स्थिति में एक महिला का सफल ऑपरेशन (सिजेरियन) कर दो जुड़वा बच्चों को सुरक्षित इस दुनिया में लाया है।
डॉ. अनामिका सिंह ने इस भावुक पल को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा— “सफेद कोट के पीछे सिर्फ एक डॉक्टर नहीं, एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है। यही ममत्व इस पेशे की सबसे बड़ी पहचान है।”
मल्टीटास्किंग की मिसाल : राजनीति, संगठन और चिकित्सा में समान पकड़
वार्ड क्रमांक 49 से लोकप्रिय पार्षद डॉ. अनामिका सिंह रायपुर नगर निगम में सामान्य प्रशासन और विधि विभाग जैसी महत्वपूर्ण समितियों की अध्यक्ष (MIC Member) हैं। इसके साथ ही, वे प्रदेश भाजपा में एक प्रखर प्रवक्ता और मीडिया पैनलिस्ट भी हैं, जिन्हें अक्सर न्यूज़ चैनलों की गरमा-गरम डिबेट में पार्टी का मजबूत पक्ष रखते हुए देखा जाता है। राजनीतिक और प्रशासनिक दायित्वों के बीच अपने व्यस्ततम शेड्यूल में से समय निकालकर, राजधानी रायपुर स्थित अपने क्लिनिक के माध्यम से वे चिकित्सा सेवा को भी पूरी निष्ठा से समय देती हैं।

आपातकाल में लिया त्वरित निर्णय, बचाई जच्चा-बच्चा की जान
एमबीबीएस और एमएस (स्त्री रोग विशेषज्ञ) की उच्च शिक्षा प्राप्त डॉ. अनामिका सिंह के पास जटिल मामलों को संभालने का लंबा अनुभव है। हाल ही में आए इस इमरजेंसी केस में उन्होंने बिना वक्त गंवाए तुरंत फैसला लिया और अपनी चिकित्सकीय टीम के साथ मिलकर बेहद सूझबूझ से ऑपरेशन को अंजाम दिया। आज मां और दोनों जुड़वा बेटे पूरी तरह स्वस्थ हैं, जिसके बाद पीड़ित परिवार ने डॉ. अनामिका का सहृदय आभार व्यक्त किया है। यह कोई पहला मौका नहीं है, इससे पहले भी वे कई क्रिटिकल और आपातकालीन ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर चुकी हैं।
सड़कों पर सफाईकर्मियों का इलाज करने से भी नहीं हिचकतीं
डॉ. अनामिका सिंह का सेवा भाव सिर्फ अस्पताल या क्लिनिक की चारदीवारी तक सीमित नहीं है। अपने वार्ड में निरीक्षण या सफाई अभियान के दौरान यदि किसी सफाई कर्मी को चोट लग जाती है, तो वे तुरंत एक डॉक्टर की भूमिका में आ जाती हैं। उन्होंने कई बार जमीनी स्तर पर ऑन-स्पॉट त्वरित उपचार कर ‘जनसेवा से जननी सेवा’ के इस संकल्प को धरातल पर सच साबित किया है।
राजनीति की व्यस्त दुनिया में रहते हुए भी अपने मूल पेशे (चिकित्सा) के प्रति उनका यह समर्पण आज पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उनके इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं।
Author: Khabri Chai
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