रायगढ़। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर तमनार स्थित महाजेनको की गारे पेलमा-2 कोलियरीज लिमिटेड ने अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से आश्रित ग्राम मुड़ागांव (सराईटोला) में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और लोककला को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में आसपास के 20 गांवों के 500 से अधिक लोगों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में आदिवासी समाज, तहसील तमनार के अध्यक्ष चक्रधर सिंह राठिया तथा जनपद सदस्य नंदिनी मनोज राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विभिन्न ग्रामों के सरपंच, उपसरपंच, पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
आदिवासी लोकनृत्य ने बांधा समां
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर स्वागत किया गया। इस दौरान आत्मानंद शासकीय विद्यालय कुंजेमुरा, शासकीय माध्यमिक विद्यालय सराईटोला और शासकीय प्राथमिक विद्यालय मुड़ागांव की 17 छात्राओं ने आकर्षक आदिवासी लोकनृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
छात्राओं की प्रस्तुतियों में आदिवासी समाज की लोक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक एकता की झलक देखने को मिली। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाली छात्राओं को उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।

‘बिरहोर’ पत्रिका का हुआ विमोचन
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘बिरहोर’ पत्रिका का विमोचन रहा। सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से पत्रिका का लोकार्पण किया। तमनार की सीएसआर टीम द्वारा करीब 25 से 30 दिनों के शोध और दस्तावेजीकरण के बाद तैयार की गई इस 16 पृष्ठीय पत्रिका की 150 प्रतियां प्रकाशित की गई हैं।
पत्रिका में बिरहोर समुदाय की सभ्यता, संस्कृति, पारंपरिक जीवनशैली, रहन-सहन, खान-पान और सामाजिक विरासत को संकलित किया गया है। इसे बिरहोर समुदाय की सांस्कृतिक पहचान, इतिहास और परंपराओं को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बिरहोर समुदाय के 12 सदस्य सम्मानित
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बिरहोर समुदाय के 12 सदस्यों को उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा क्षेत्र के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित नागरिकों को भी अदाणी फाउंडेशन की ओर से स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पहल
अदाणी फाउंडेशन की ओर से तमनार क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में विभिन्न पहलें संचालित की जा रही हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में फाउंडेशन के सहयोग से क्षेत्र के विद्यार्थियों का एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल और उत्कर्ष विद्यालय जैसे संस्थानों में चयन हुआ है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं के तहत मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट और आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके साथ ही सामुदायिक विकास और जल संरक्षण से जुड़े कार्य भी क्षेत्र में लगातार किए जा रहे हैं।
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश
विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक योगदान के सम्मान के साथ-साथ उनकी विरासत को संरक्षित करने की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत किया।
‘बिरहोर’ पत्रिका के प्रकाशन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए आदिवासी इतिहास को दस्तावेज के रूप में सहेजने की पहल ने आयोजन को विशेष महत्व दिया। उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
फोटो कैप्शन:
विश्व आदिवासी दिवस पर मुड़ागांव (सराईटोला) में आयोजित कार्यक्रम में ‘बिरहोर’ पत्रिका का विमोचन करते अतिथि एवं उपस्थित ग्रामीण।
Author: Khabri Chai
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