रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो गया है। बीते 24 घंटे में लगभग पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान जताया है।

मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कई स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
रायपुर में सुबह से बारिश, कई जगह जलभराव
राजधानी रायपुर में रविवार से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। सुबह से शहर के कई इलाकों में बारिश होने के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया। लगातार बारिश के चलते लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग के मुताबिक 31 अगस्त को रायपुर में आसमान मुख्यतः मेघमय रहेगा। कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
अगले 5 दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।
प्रदेश में अब तक मौसमी बारिश सामान्य के करीब है। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में सामान्य से करीब 3 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद आने वाले दिनों में बारिश के आंकड़े में और सुधार होने की संभावना है।
कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
भारी बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इनमें कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं।
वहीं सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बलरामपुर में 12 सेमी तक बारिश
बीते 24 घंटे में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। रघुनाथनगर और रामानुजगंज में 12-12 सेमी, राजपुर में 10 सेमी तथा कुसमी और चांदो में 9-9 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा जनकपुर-भरतपुर और अंबिकापुर में 7-7 सेमी, बलरामपुर में 6 सेमी तथा करतला, कोटाडोल, समरी, दरभा, गुंडरदेही, अर्जुन्दा, बालोद, गुरूर और धमतरी में 5-5 सेमी बारिश हुई।
गरियाबंद, राजिम, सरागांव, कोरबा, हरदीबाजार, रतनपुर, दौरा कोचली, कांकेर, मगरलोड, कुकरेल, नरहरपुर, भानुप्रतापपुर, पाली, सरौना और बड़े राजपुर में 4-4 सेमी बारिश दर्ज की गई।
वज्रपात और जलभराव को लेकर सावधानी जरूरी
अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और वज्रपात को लेकर सावधानी बरतना जरूरी होगा।
Author: Khabri Chai
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