Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली हादसे में दुर्ग के 20 वर्षीय छात्र की मौत, दोस्त से फोन पर बात करते-करते थम गई जिंदगी

नई दिल्ली/दुर्ग। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में दुर्ग निवासी 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था और सत्य निकेतन स्थित बॉयज पीजी में रह रहा था।

सत्य निकेतन हादसे में PG मालिक पर FIR दर्ज, CM रेखा गुप्ता ने दिए  मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश; पांच की मौत | delhi building collapse live  updates satya niketan building collapse many

सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि हादसे से कुछ ही पल पहले युवराज अपने बचपन के दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर रहा था। दोनों छुट्टियों के बाद मिले समय में साथ घूमने जाने की योजना बना रहे थे। बातचीत के दौरान अचानक फोन पर तेज गड़गड़ाहट जैसी आवाज सुनाई दी और उसके बाद युवराज की आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई।

‘हेलो… हेलो… तू ठीक है?’ और फिर छा गई खामोशी

आर्यन के मुताबिक, फोन पर दोनों के बीच सामान्य बातचीत चल रही थी। वे साथ घूमने जाने की योजना बना रहे थे। तभी अचानक फोन पर तेज और भयावह गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई दी।

आवाज सुनकर आर्यन ने घबराते हुए युवराज से पूछा—‘हेलो… हेलो… तू ठीक है?’

लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। करीब एक मिनट बाद फोन कट गया।

आर्यन लगातार उम्मीद करता रहा कि युवराज दोबारा फोन करेगा। लेकिन कुछ ही देर बाद जब उसे सत्य निकेतन में इमारत गिरने की जानकारी मिली तो उसके होश उड़ गए। उसे आशंका हुई कि कहीं उसका दोस्त भी इस हादसे की चपेट में तो नहीं आ गया।

घटनास्थल पर पहुंचकर दोस्त ने शुरू की तलाश

युवराज की कोई जानकारी नहीं मिलने पर आर्यन तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। मौके पर राहत और बचाव कार्य चल रहा था। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे थे।

परिजन और दोस्त भी अपने-अपने स्तर पर युवराज की तलाश में जुटे रहे। आर्यन ने भी कई जगह जानकारी लेने की कोशिश की और अस्पतालों में युवराज के बारे में पता लगाया।

एम्स ट्रॉमा सेंटर से मिली मौत की खबर

काफी तलाश के बाद आर्यन को एम्स ट्रॉमा सेंटर से युवराज के संबंध में जानकारी मिली। वहां उसे बताया गया कि हादसे में युवराज की मौत हो चुकी है।

जिस दोस्त के साथ कुछ देर पहले वह फोन पर घूमने जाने की योजना बना रहा था, उसकी मौत की खबर सुनकर आर्यन सदमे में आ गया। उसके लिए यह स्वीकार करना मुश्किल था कि फोन पर अचानक सुनाई दी वह गड़गड़ाहट उसके दोस्त की जिंदगी की आखिरी आवाज बन गई।

आर्यन के मुताबिक, फोन पर हुई आखिरी बातचीत और उसके बाद आई अचानक खामोशी की घटना उसके जेहन में बार-बार घूम रही है।

तीन दिन पहले ही दुर्ग से दिल्ली लौटा था युवराज

बताया जा रहा है कि युवराज छुट्टियां बिताने के बाद महज तीन दिन पहले ही अपने घर दुर्ग से दिल्ली लौटा था। वह दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था और पढ़ाई के सिलसिले में सत्य निकेतन स्थित बॉयज पीजी में रह रहा था।

युवराज और आर्यन बचपन से दोस्त थे और दोनों एक ही गांव से ताल्लुक रखते थे। दिल्ली लौटने के बाद दोनों जल्द ही साथ घूमने जाने की योजना बना रहे थे। उन्हें क्या पता था कि यह मुलाकात और बातचीत अधूरी रह जाएगी।

परिवार को नहीं थी अनहोनी की खबर

हादसे के बाद युवराज के परिवार वाले लगातार उसे फोन कर उसकी कुशलता जानने की कोशिश कर रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि उनका बेटा सुरक्षित होगा और जल्द ही उनसे बात करेगा।

लेकिन बाद में जब युवराज की मौत की खबर परिवार तक पहुंची तो घर में मातम छा गया। महज 20 साल की उम्र में बेटे को खोने की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

एक तरफ दिल्ली में मलबे के बीच राहत और बचाव अभियान चल रहा था, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के दुर्ग में युवराज के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पढ़ाई और बेहतर भविष्य के सपने लेकर दिल्ली गया युवराज इस दर्दनाक हादसे में हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गया।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

Khabri Chai news portal.

Advertisement Carousel
space for Adv.

यह भी देखें...