रायपुर/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में फर्जी सरकारी नियुक्ति और दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया है। बलौदाबाजार भाजपा के निष्कासित महामंत्री कृष्णा अवस्थी के खिलाफ अब छत्तीसगढ़ बीज निगम में फर्जी नियुक्ति आदेश जारी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि आरोपी कृष्णा अवस्थी पहले से ही एक अन्य फर्जी आदेश और धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद है।

कृष्णा अवस्थी अपने बेटे प्रणव अवस्थी के साथ फिलहाल बलौदाबाजार जेल में बंद है। दोनों को कुछ दिन पहले पलारी पुलिस ने स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक कर्मचारी से कथित तौर पर 2 लाख रुपये लेकर सीएमएचओ के फर्जी हस्ताक्षर वाला ट्रांसफर आदेश देने के मामले में गिरफ्तार किया था। अब बीज निगम में फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने के मामले में भी पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
बीज निगम में डाटा एंट्री ऑपरेटर की फर्जी नियुक्ति
तेलीबांधा थाने में छत्तीसगढ़ बीज निगम के अधिकारी विजय कुमार वर्मा की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस मामले में धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कसडोल निवासी हेमंत साहू, पिता रामगोपाल साहू, के नाम से फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया गया था।
आरोप है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर हेमंत साहू से 2 लाख रुपये लिए गए थे। पुलिस ने हेमंत साहू को इस मामले में गवाह बनाया है।
पूछताछ में कृष्णा अवस्थी का नाम सामने आया
पुलिस के अनुसार, हेमंत साहू के नाम से ही बीज निगम का फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार किया गया था। पूछताछ के दौरान गवाह ने कथित तौर पर बताया कि कृष्णा अवस्थी, पिता कुंजराम अवस्थी, उम्र 53 वर्ष, निवासी ग्राम रिसदा, थाना पलारी, ने यह फर्जी नियुक्ति पत्र जारी किया था।
इसके बाद पुलिस ने मामले में कृष्णा अवस्थी की भूमिका को लेकर जांच शुरू कर दी है।
पहले से ही फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में जेल में बंद
कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी के खिलाफ पहले से पलारी थाने में मामला दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पर स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एक कर्मचारी को कथित तौर पर 2 लाख रुपये लेकर सीएमएचओ के फर्जी हस्ताक्षर वाला ट्रांसफर ऑर्डर देने का आरोप है।
इस मामले में पलारी थाने में अपराध क्रमांक 374/2026 दर्ज है। इसमें धारा 318(4), 336(3), 337, 338, 340(2) और 3(5) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
इसी मामले में गिरफ्तारी के बाद कृष्णा अवस्थी और उनका बेटा जेल में हैं। अब बीज निगम के फर्जी नियुक्ति आदेश से जुड़े नए मामले में भी पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
एक के बाद एक फर्जी आदेश के आरोपों से बढ़ी मुश्किलें
एक ओर कृष्णा अवस्थी पहले से जेल में हैं, वहीं अब उनके खिलाफ सरकारी नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने का एक और मामला सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बीज निगम के नाम से जारी किया गया फर्जी नियुक्ति आदेश किस तरह तैयार किया गया और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।
मामले में पुलिस दस्तावेजों, पैसों के लेन-देन और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
Author: Khabri Chai
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