भिलाई। दुर्ग जिले के भिलाई स्थित खम्हरिया के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल (SEJES) में पिछले तीन दिनों के भीतर कक्षा 9वीं-ए की 8 छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ने की घटनाओं ने स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। छात्राओं में अचानक चीखने-चिल्लाने, बेहोश होने, हाथ-पैर अकड़ने और बोलने में दिक्कत जैसे लक्षण सामने आए। हालांकि डॉक्टरों की जांच में अधिकांश छात्राओं की मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आई है। फिलहाल जिला शिक्षा विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और छात्राओं की काउंसलिंग के लिए मनोवैज्ञानिक टीम को भी बुलाया गया है।
सोमवार को फिर बिगड़ी दो छात्राओं की तबीयत
सोमवार को स्कूल में दो छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक छात्रा अचानक अजीब व्यवहार करने लगी और जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगी। उसके हाथ-पैर अकड़ गए और आंखों से लगातार आंसू निकलने लगे। कुछ ही देर में दोनों छात्राएं बेहोश हो गईं।
स्कूल प्रबंधन ने तत्काल दोनों को अस्पताल पहुंचाया। जांच में एक छात्रा को सिकल सेल संबंधी समस्या होने की जानकारी मिली, जबकि दूसरी छात्रा की सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य पाई गई।

3 दिन में सामने आए 8 मामले
जानकारी के अनुसार, पहली घटना 9 जुलाई को हुई थी। उस दिन शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच एक छात्रा को अचानक चक्कर आया। उसे स्टाफ रूम ले जाया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद दूसरी छात्रा भी जोर-जोर से चीखने लगी। इसके बाद उसी कक्षा की तीन अन्य छात्राएं भी बेहोश हो गईं।
इस तरह पहले दिन कुल 5 छात्राएं प्रभावित हुईं। अगले दिनों में भी इसी तरह की घटनाएं दोहराई गईं। 11 जुलाई को दो छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ी, जबकि एक अन्य छात्रा भी बाद में इसी तरह प्रभावित हुई। सोमवार को दो और छात्राओं की तबीयत खराब होने के साथ कुल प्रभावित छात्राओं की संख्या 8 तक पहुंच गई।
हाथ-पैर अकड़ गए, बोलने में भी हो रही थी परेशानी
स्कूल की प्राचार्य सुनीता दीवान ने बताया कि प्रभावित छात्राओं के हाथ-पैर अकड़ गए थे, आंखों से पानी निकल रहा था और वे ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं। पहले 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन समय लगने की जानकारी मिलने पर छात्राओं को ऑटो से शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
करीब डेढ़ घंटे बाद सभी छात्राएं सामान्य हो गईं। डॉक्टरों ने जांच के बाद किसी गंभीर शारीरिक बीमारी की पुष्टि नहीं की।
केवल कक्षा 9वीं-ए की छात्राएं ही प्रभावित
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, अब तक यह घटनाएं केवल डे-शिफ्ट में पढ़ने वाली कक्षा 9वीं-ए की छात्राओं में ही सामने आई हैं। स्कूल की सुबह की शिफ्ट के विद्यार्थियों या किसी शिक्षक में इस तरह की कोई समस्या नहीं देखी गई है।
मनोवैज्ञानिक कारणों की आशंका, लेकिन जांच जारी
प्राचार्य सुनीता दीवान ने बताया कि सभी छात्राओं की मेडिकल रिपोर्ट सामान्य आई है। शुरुआती तौर पर मामला मनोवैज्ञानिक कारणों या सामूहिक मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया (Mass Psychogenic Illness) से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि बिना विस्तृत जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दे दी गई है। उनके निर्देश पर छात्राओं की काउंसलिंग कराई जा रही है ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने एहतियातन कक्षा 9वीं-ए का कमरा बदल दिया है। साथ ही स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की बैठक आयोजित कर अभिभावकों से चर्चा की गई। बैठक में अभिभावकों से बच्चों का मनोबल बढ़ाने, उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई।
जिला शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम छात्राओं से बातचीत कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन घटनाओं के पीछे कोई मानसिक, सामाजिक या अन्य कारण तो नहीं है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की अपील की है।
Author: Khabri Chai
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