CG News: देर रात वन विभाग की बड़ी रेड, 2 ट्रक से ज्यादा खैर की लकड़ी जब्त; कथित तस्कर के गोदाम पर कार्रवाई

रायपुर – छत्तीसगढ़ में अवैध खैर लकड़ी की तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजधानी रायपुर में कथित लकड़ी तस्कर मनीष अग्रवाल के गोदाम पर आधी रात दबिश दी। राज्य उड़नदस्ता दल ने गोदाम से दो ट्रकों से अधिक खैर (खैर) की लकड़ी जब्त कर पूरे परिसर को सील कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त लकड़ी को हरियाणा भेजने की तैयारी थी, जहां इसका उपयोग मुख्य रूप से कत्था निर्माण में किया जाता है।

यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) अरुण कुमार पाण्डेय के निर्देश पर की गई। टीम ने लंबे समय से मिल रही शिकायतों और गोपनीय सूचना के आधार पर देर रात गोदाम में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में खैर की लकड़ी मिलने से वन विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए। लकड़ी की मात्रा इतनी अधिक बताई जा रही है कि उसे ले जाने के लिए दो ट्रकों से भी ज्यादा क्षमता की आवश्यकता पड़ेगी।

वन विभाग ने गोदाम को तत्काल सील कर दिया है और लकड़ी के स्रोत, परिवहन दस्तावेज तथा पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संगठित अवैध तस्करी का प्रतीत होता है। यह भी जांच की जा रही है कि लकड़ी किन जंगलों से काटी गई और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार कथित तस्कर मनीष अग्रवाल का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। बताया जा रहा है कि वह करीब पांच वर्ष पहले भी खैर लकड़ी के मामले में कार्रवाई का सामना कर चुका है। इसके अलावा उस पर तेंदुए की खाल और अन्य अवैध वन्यजीव व्यापार से जुड़े मामलों में जेल जा चुका होने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इन पुराने मामलों के रिकॉर्ड भी जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वही नेटवर्क दोबारा तो सक्रिय नहीं हो गया।

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वन विभाग के सूत्रों का दावा है कि प्रारंभिक जांच में एक संगठित गिरोह के संकेत मिले हैं, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘पुष्पा सिंडिकेट’ के नाम से जोड़ा जा रहा है। आरोप है कि अवैध तरीके से जंगलों से खैर की लकड़ी काटकर उसे गोदामों में इकट्ठा किया जाता था और बाद में दूसरे राज्यों में सप्लाई की जाती थी। हालांकि विभाग ने अभी तक पूरे नेटवर्क के बारे में आधिकारिक खुलासा नहीं किया है, लेकिन जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

जानकारों के अनुसार खैर की लकड़ी बेहद मूल्यवान मानी जाती है। इससे तैयार होने वाला कत्था पान उद्योग के अलावा कई अन्य उत्पादों में भी उपयोग किया जाता है। यही वजह है कि इसकी अवैध तस्करी लंबे समय से वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

फिलहाल वन विभाग ने जब्त लकड़ी का पंचनामा तैयार कर लिया है और पूरे मामले में विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अवैध कटाई, परिवहन और तस्करी के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ वन अधिनियम और अन्य लागू कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजधानी में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है, जबकि विभाग संकेत दे चुका है कि आने वाले दिनों में ऐसे नेटवर्क पर और भी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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