रायपुर। खनिज, इस्पात, ऊर्जा और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब टेक्सटाइल और अपैरल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा दिए जाने के बाद सरकार निवेश, उत्पादन, कौशल विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए टेक्सटाइल इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर दे रही है।

इस रणनीति में पारंपरिक कपड़ा निर्माण के साथ एग्रो टेक्सटाइल, मेडिकल टेक्सटाइल, कंस्ट्रक्शन टेक्सटाइल और स्मार्ट टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों को भी शामिल किया जा रहा है। वहीं छत्तीसगढ़ की पहचान रहे कोसा सिल्क और बस्तर की पारंपरिक बुनाई को आधुनिक डिजाइन, तकनीक और बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
टेक्सटाइल को थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा
राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश में टेक्सटाइल और अपैरल से जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
सरकार की रणनीति केवल कपड़ा उत्पादन इकाइयां स्थापित करने तक सीमित नहीं है। इसमें यार्न, फैब्रिक, प्रोसेसिंग, गारमेंट, डिजाइन, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर है।
इससे कच्चे माल से तैयार उत्पाद तक प्रदेश में अधिक वैल्यू एडिशन की संभावना बन सकती है। साथ ही स्थानीय उद्योगों, एमएसएमई और सहायक इकाइयों के लिए भी नए अवसर विकसित हो सकते हैं।
नवा रायपुर में विकसित हो रहा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम
नवा रायपुर अटल नगर को टेक्सटाइल और अपैरल मैन्युफैक्चरिंग के संभावित केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का फोकस ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने पर है, जहां डिजाइन, उत्पादन, कौशल विकास, तकनीक, सप्लाई चेन और बाजार एक-दूसरे से जुड़े हों।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के साथ भी टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेश, विस्तार और रोजगार की संभावनाओं को लेकर चर्चा की है। राज्य सरकार का प्रयास निवेशकों को उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय स्तर पर सहायक उद्योगों की श्रृंखला विकसित करना है।
नवा रायपुर का नियोजित शहरी और औद्योगिक ढांचा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार के लिए आधार उपलब्ध करा सकता है। इससे क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों को एक नया आयाम मिलने की संभावना है।
तकनीकी वस्त्रों पर विशेष फोकस
छत्तीसगढ़ की टेक्सटाइल रणनीति में Technical Textiles को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है। तकनीकी वस्त्र सामान्य कपड़ों से अलग होते हैं और इन्हें कृषि, स्वास्थ्य, निर्माण, औद्योगिक तथा अन्य तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार किया जाता है।
राज्य में विशेष रूप से चार क्षेत्रों में संभावनाएं देखी जा रही हैं।
एग्रो टेक्सटाइल: खेती से जुड़ेगा नया उद्योग
कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ के लिए एग्रो टेक्सटाइल एक महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। इसमें फसल सुरक्षा सामग्री, शेड नेट, विशेष जालियां और मिट्टी तथा नमी संरक्षण से जुड़ी टेक्सटाइल सामग्री शामिल होती है।
प्रदेश में इन उत्पादों के निर्माण से टेक्सटाइल उद्योग और कृषि क्षेत्र के बीच कड़ी मजबूत हो सकती है। स्थानीय उत्पादन बढ़ने पर नई विनिर्माण इकाइयों के साथ सप्लाई चेन और रोजगार के अवसर भी विकसित होने की संभावना है।
मेडिकल टेक्सटाइल: हेल्थकेयर से जुड़ेगा उद्योग
मेडिकल टेक्सटाइल आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इस्तेमाल होने वाली विशेष टेक्सटाइल सामग्री का क्षेत्र है। इसमें मास्क, मेडिकल गाउन, कैप, शीट, ड्रेसिंग सामग्री और विभिन्न सुरक्षात्मक उत्पाद शामिल हैं।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ मेडिकल टेक्सटाइल से जुड़े स्थानीय उद्योगों के लिए बाजार की संभावनाएं बन सकती हैं। इस क्षेत्र में एमएसएमई और नए उद्यमियों के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं।
कंस्ट्रक्शन टेक्सटाइल: इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ेगा इस्तेमाल
सड़क, पुल, भवन, जल निकासी, जल संरक्षण और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में Geotextiles समेत कई तकनीकी टेक्सटाइल उत्पादों का इस्तेमाल होता है।
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ इस तरह की सामग्री की मांग बढ़ने की संभावना है। प्रदेश में इनका उत्पादन होने पर निर्माण क्षेत्र के साथ टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग को भी लाभ मिल सकता है।
स्मार्ट टेक्सटाइल: टेक्नोलॉजी के साथ बदलता कपड़ा उद्योग
टेक्नोलॉजी के विकास के साथ Smart Textiles भी तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है। ऐसे टेक्सटाइल उत्पादों में सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम या विशेष तकनीकी खूबियों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्मार्ट टेक्सटाइल का उपयोग स्वास्थ्य, खेल, सुरक्षा और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ रहा है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में निवेश और कौशल विकास को बढ़ावा मिलने पर नए प्रकार के उद्योगों के लिए संभावनाएं बन सकती हैं।
कोसा और बस्तर की बुनाई को मिलेगा आधुनिक बाजार से जोड़ने का अवसर
छत्तीसगढ़ की टेक्सटाइल पहचान केवल आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं है। प्रदेश की कोसा सिल्क और बस्तर की पारंपरिक बुनाई लंबे समय से स्थानीय कला और हस्तशिल्प की पहचान रही है।
इन पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक डिजाइन, ब्रांडिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बड़े बाजार से जोड़ने की कोशिश से स्थानीय बुनकरों और कारीगरों के लिए नए बाजार विकसित किए जा सकते हैं।
निवेश, रोजगार और वैल्यू एडिशन पर नजर
टेक्सटाइल सेक्टर के विस्तार की रणनीति में निवेश के साथ रोजगार और कौशल विकास को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग और तैयार परिधान तक पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित होती है, तो स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो सकता है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल सेक्टर को पारंपरिक कपड़ा उद्योग से आगे बढ़ाकर एग्रो, मेडिकल, कंस्ट्रक्शन और स्मार्ट टेक्सटाइल जैसे तकनीकी क्षेत्रों से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं का वास्तविक असर निवेश, उद्योगों की स्थापना, स्थानीय उत्पादन और रोजगार के आंकड़ों से स्पष्ट होगा।
Author: Khabri Chai
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