रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पर्चा लीक मामले की जांच अब और आगे बढ़ गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD रहे चेतन बोरघरिया से जुड़े करीब 15 लोगों और संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी की है। एजेंसी कथित वित्तीय लेन-देन, डिजिटल चैट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा की जांच कर रही है।
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चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद ED जांच में कई नए पहलुओं को खंगाल रही है। एजेंसी कथित तौर पर करीब 3.2 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, इन लेन-देन और आरोपों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
डिजिटल चैट और कॉल डिटेल की जांच
ED ने जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के डेटा की फॉरेंसिक जांच शुरू की है। एजेंसी ने वर्ष 2019 से 2023 के बीच की कॉल डिटेल और डिजिटल चैट्स को भी जांच के दायरे में लिया है।
जांच एजेंसी को शुरुआती स्तर पर कुछ ऐसी बातचीत मिलने की बात सामने आई है, जिनमें पैसों के कथित लेन-देन, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और इंटरव्यू में मदद से संबंधित संकेत बताए जा रहे हैं। इन डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि और उनके आपसी संबंधों को स्थापित करने के लिए आगे पूछताछ की जा रही है।
अभ्यर्थियों से पैसे लेने के आरोपों की जांच
जांच के दौरान विकास चंद्राकर और उत्कर्ष चंद्राकर के माध्यम से कुछ अभ्यर्थियों से कथित तौर पर पैसे लिए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। अब ED यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रूप से ली गई राशि किन लोगों तक पहुंची और उसका आगे किस तरह इस्तेमाल या ट्रांसफर किया गया।
एजेंसी करीब 15 लोगों से पूछताछ के जरिए इन कथित वित्तीय लेन-देन और अन्य कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करेगी।
धमतरी स्थित घर पर पहले हो चुकी है कार्रवाई
इससे पहले ED ने चेतन बोरघरिया के धमतरी स्थित अमलतास पुरम स्थित पैतृक निवास पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इन दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री का अब विश्लेषण किया जा रहा है। एजेंसी कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर जुटाई गई राशि में से कितनी रकम किन-किन लोगों तक पहुंची।
2020-21 की अन्य भर्ती परीक्षाएं भी जांच के दायरे में
CGPSC मामले की जांच अब केवल राज्य सेवा परीक्षा तक सीमित नहीं बताई जा रही है। ED ने वर्ष 2020-21 के दौरान आयोजित अन्य भर्ती परीक्षाओं के रिकॉर्ड भी खंगालने शुरू किए हैं।
इनमें प्रमुख रूप से—
- राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा
- सहायक प्राध्यापक परीक्षा
- पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ परीक्षा
- सिविल जज परीक्षा
- वन सेवा परीक्षा
शामिल हैं।
आगे की पूछताछ से सामने आ सकती हैं नई कड़ियां
ED अब जब्त डिजिटल डेटा, वित्तीय लेन-देन और संबंधित लोगों के बयानों को आपस में जोड़कर मामले की आगे जांच कर रही है। करीब 15 लोगों से प्रस्तावित पूछताछ के बाद कथित लेन-देन और CGPSC की विभिन्न परीक्षाओं से जुड़े आरोपों की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल मामले में सामने आए आरोप जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष ED की जांच तथा संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे
Author: Khabri Chai
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