रायपुर। छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य में वर्तमान में 83.36 लाख राशनकार्डधारी परिवारों के करीब 2.73 करोड़ सदस्य खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। वहीं किसानों के हित में धान खरीदी की सीमा बढ़ाने से लेकर डिजिटल निगरानी तक कई बदलाव लागू किए गए हैं।
24 घंटे मिलेगा राशन, तीन शहरों में शुरू हुए ग्रेन एटीएम
सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पहले तीन अन्नपूर्णा ग्रेन एटीएम शुरू किए गए हैं। इनका संचालन 8 अगस्त 2026 से शुरू हुआ है।
ग्रेन एटीएम के जरिए हितग्राही राशनकार्ड नंबर या आधार नंबर दर्ज कर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद 24 घंटे अपनी सुविधा के अनुसार चावल प्राप्त कर सकेंगे। इससे राशन दुकानों में लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलने और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

83 लाख से ज्यादा परिवारों को खाद्य सुरक्षा
खाद्य विभाग के अनुसार जनवरी 2024 से अब तक प्रदेश में करीब 10.44 लाख नए राशनकार्ड जारी किए गए हैं, जबकि 16.93 लाख नए सदस्यों को राशनकार्ड में जोड़ा गया है। पिछले तीन वर्षों में 445 नई उचित मूल्य दुकानों का आबंटन हुआ है और वर्तमान में प्रदेश में 14,182 शासकीय उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं।
जनवरी 2024 से जुलाई 2026 के बीच राशनकार्डधारियों को करीब 74.89 लाख टन चावल वितरित किया गया। इसके अलावा पात्र परिवारों को चना, नमक, शक्कर और गुड़ भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक धान खरीदी
किसानों के लिए भी सरकार ने धान खरीदी व्यवस्था में बदलाव किए हैं। वर्ष 2023 से धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की गई है। किसानों को धान की उपज के लिए कुल ₹3100 प्रति क्विंटल भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई है।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 2,739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 25.49 लाख किसानों से 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। वहीं 2025-26 में 2,740 केंद्रों के जरिए 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई।
48 घंटे में किसानों के खाते में भुगतान
धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी उपार्जन केंद्रों पर बायोमेट्रिक डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन और नमी मापक यंत्र लगाए गए हैं। आधार सत्यापन के जरिए फर्जी खरीदी पर नियंत्रण की कोशिश की जा रही है।
सरकार के अनुसार किसानों को समर्थन मूल्य की राशि खरीदी के 48 घंटे के भीतर ऑनलाइन बैंक खाते में ट्रांसफर करने की व्यवस्था की गई है।
अवैध धान परिवहन पर भी कार्रवाई
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में करीब 9.73 लाख क्विंटल अवैध धान परिवहन जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है। विभाग का दावा है कि इससे शासन को करीब 301.89 करोड़ रुपये की बचत हुई।
वहीं डिजिटल निगरानी और अन्य सुधारों के जरिए करीब 4 हजार करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष बचत का भी दावा किया गया है।
2026-27 के लिए किसान पंजीयन जारी
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी के लिए किसान पंजीयन 1 जुलाई से शुरू हो चुका है। इसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को धान विक्रय के लिए मान्य किया गया है। हालांकि भूमि की खरीदी-बिक्री, नामांतरण या बंटवारे जैसी स्थिति में आवश्यक मैपिंग कराना जरूरी होगा।
गोदामों की क्षमता भी बढ़ाई जा रही
खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण के लिए पिछले तीन वर्षों में 27 जिलों के 55 स्थानों पर करीब 2.94 लाख मीट्रिक टन क्षमता के नए गोदामों का निर्माण पूरा किया गया है। इसके अलावा कई अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य जारी है।
आने वाले दो वर्षों में राज्य भंडार गृह निगम के माध्यम से 2.71 लाख टन क्षमता के नए गोदाम बनाने की योजना है।
2030 तक 42 लाख घरों तक PNG पहुंचाने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की सुविधा बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। रायपुर और मनेंद्रगढ़ के कुछ घरों में इसकी आपूर्ति शुरू हो चुकी है। सरकार ने वर्ष 2030 तक 42 लाख घरों को PNG से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
नियद नेल्लानार 2.0 से लाखों परिवार लाभान्वित
नियद नेल्लानार योजना 2.0 के तहत बस्तर सहित कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 11.41 लाख राशनकार्डधारी परिवारों को पात्रता के अनुसार खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक और गुड़ उपलब्ध कराया जा रहा है।
वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत राज्य में अब तक करीब 39 लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए जाने की जानकारी दी गई है।
आने वाले समय में स्मार्ट PDS और बढ़ेंगे ग्रेन ATM
खाद्य विभाग की आगामी योजना में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है। स्मार्ट PDS के जरिए राशनकार्ड प्रबंधन, सप्लाई चेन और खाद्यान्न वितरण को केंद्रीकृत ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है।
रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर की तर्ज पर आने वाले समय में अन्य जिलों में भी ग्रेन एटीएम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों की उचित मूल्य दुकानों को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में खाद्य विभाग की नई व्यवस्था का फोकस राशन वितरण को आसान और पारदर्शी बनाने, किसानों को बेहतर भुगतान सुनिश्चित करने, भंडारण क्षमता बढ़ाने और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर है।
Author: Khabri Chai
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