CG News: 25 करोड़ की रंगदारी केस में शोएब ढेबर को कोर्ट से झटका, पुनरीक्षण याचिका खारिज

रायपुर। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से कथित तौर पर गैंग के नाम पर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में फरार चल रहे शोएब ढेबर को अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायाधीश अमित राठौर की अदालत ने उसकी ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है।

शोएब ने सीजेएम कोर्ट द्वारा दिए गए दोबारा गिरफ्तारी के आदेश को चुनौती देते हुए सत्र न्यायालय का रुख किया था। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि सीजेएम का संबंधित आदेश अंतरवर्ती आदेश की श्रेणी में आता है और ऐसे आदेश के खिलाफ BNSS की धारा 438(2) के तहत पुनरीक्षण याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

अदालत के इस फैसले के बाद पुलिस के लिए शोएब को दोबारा गिरफ्तार करने का रास्ता साफ हो गया है।

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रिहाई के बाद से फरार है शोएब

पुलिस के अनुसार, शोएब ढेबर को 27 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद अवकाशकालीन मजिस्ट्रेट के आदेश पर उसे रिहा कर दिया गया।

इसके बाद से शोएब पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है। उसकी तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस को आशंका है कि वह राज्य से बाहर या देश से बाहर भी जा सकता है। इसी संभावना को देखते हुए जांच टीम उसके संभावित संपर्कों और ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।

क्या है 25 करोड़ की रंगदारी का मामला?

पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर बिश्नोई और अमन गैंग के नाम पर धमकी देकर 25 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था।

मामले की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को शोएब ढेबर की कथित भूमिका के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।

हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

गिरफ्तारी की सूचना पर हुआ था विवाद

शोएब की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सामने आया कि उसके परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी गई थी। इसी आधार पर अवकाशकालीन मजिस्ट्रेट ने उसे रिहा करने का आदेश दिया था।

इसके बाद पुलिस ने सीजेएम अदालत में दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। सीजेएम ने पुलिस को शोएब को फिर से गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी।

इसी आदेश को शोएब ने सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। अब अदालत ने पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी है।

चार आईफोन पुलिस ने किए जब्त

पुलिस की जांच में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी महत्वपूर्ण साक्ष्य माने जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, शोएब से जुड़े चार आईफोन जब्त किए गए हैं।

पुलिस का आरोप है कि शोएब जांच में सहयोग नहीं कर रहा और मोबाइल फोन के पासवर्ड उपलब्ध नहीं करा रहा है। जांच एजेंसी को आशंका है कि इन उपकरणों में मौजूद डिजिटल साक्ष्यों से मामले की कड़ियां जुड़ सकती हैं।

पुलिस इसी आधार पर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

होटल गार्ड के नाम की SIM और विदेशी वर्चुअल नंबर का दावा

जांच के दौरान पुलिस ने एक और तकनीकी कड़ी सामने आने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, एक होटल सुरक्षा गार्ड के नाम पर जारी SIM का इस्तेमाल कथित तौर पर विदेशी वर्चुअल नंबर के लिए किया गया।

पुलिस इस तकनीकी साक्ष्य की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित धमकी और रंगदारी मांगने के लिए संचार के किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।

अब पुलिस के सामने दोबारा गिरफ्तारी की चुनौती

पुनरीक्षण याचिका खारिज होने के बाद अब पुलिस के सामने शोएब ढेबर को दोबारा गिरफ्तार करने की चुनौती है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

अदालत के फैसले के बाद जांच एजेंसी को आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी आधार मिल गया है। अब यह देखना होगा कि पुलिस शोएब को कब तक गिरफ्तार कर पाती है और पूछताछ के दौरान 25 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मामले में कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।

नोट: रंगदारी, धमकी और तकनीकी साक्ष्यों से जुड़े आरोप पुलिस जांच के आधार पर हैं। मामले में दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।

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Author: Khabri Chai

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