रायपुर। नकटी गांव में प्रभावित परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण ने आंदोलन का नया चरण घोषित किया है। कांग्रेस का कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय, पुनर्वास और उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

तीन चरणों में चलेगा आंदोलन
जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर ग्रामीण के अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने बताया कि प्रभावित परिवारों और पार्टी की जांच समिति के साथ चर्चा के बाद आंदोलन की रूपरेखा तय की गई है।पहले चरण में धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के निवास का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस विधायक से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग करेगी।दूसरे चरण में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के निवास का घेराव होगा। कांग्रेस सांसद से केंद्र और राज्य स्तर पर मामला उठाकर प्रभावितों को न्याय दिलाने की पहल करने की मांग करेगी।यदि इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो तीसरे चरण में प्रभावित परिवारों के नेतृत्व में रायपुर एयरपोर्ट मार्ग पर चक्काजाम किया जाएगा।
‘प्रभावित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा’
कांग्रेस ने कहा कि नकटी गांव के जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई लगातार जारी रहेगी। पार्टी का दावा है कि पुनर्वास, उचित मुआवजा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित कराने के लिए वह हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
पहले भी कई बड़े आंदोलन कर चुकी है कांग्रेस
नकटी प्रकरण को लेकर कांग्रेस पहले भी कलेक्टर कार्यालय का दो बार घेराव कर चुकी है। इसके अलावा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के निवास और मुख्यमंत्री निवास का भी घेराव किया गया। नकटी से राज्यपाल निवास तक लगभग 13 किलोमीटर की पदयात्रा निकालकर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित परिवारों के साथ राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा था।
आंदोलन से पहले होगी जांच समिति की बैठक
पार्टी ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से गठित जांच समिति जल्द बैठक करेगी। इसमें प्रभावित परिवारों से मौजूदा स्थिति, उनकी मांगों और अब तक की कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
चंदेरी की चरागाह भूमि को लेकर सरकार पर निशाना
इधर, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील स्थित ग्राम चंदेरी की चरागाह भूमि को औद्योगिक क्षेत्र के लिए हस्तांतरित किए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नकटी के बाद अब चंदेरी की सार्वजनिक चरागाह भूमि भी उद्योगपतियों को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री के आश्वासन का हवाला
अकबर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने 23 फरवरी 2024 को दामाखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 10 किलोमीटर के दायरे में उद्योग स्थापित नहीं होने देने का आश्वासन दिया था। उनका आरोप है कि इसके बावजूद चंदेरी की चरागाह भूमि उद्योग विभाग को सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
ग्रामसभा के विरोध के बावजूद प्रक्रिया जारी होने का आरोप
पूर्व मंत्री के अनुसार, ग्राम पंचायत और ग्रामसभा दोनों ने सर्वसम्मति से चरागाह भूमि को उद्योग के लिए हस्तांतरित करने का विरोध किया था। इसके बावजूद संबंधित भूमि का रिकॉर्ड उद्योग विभाग के नाम दर्ज किए जाने का दावा किया गया है।
सरकार से हस्तक्षेप और जवाब की मांग
मोहम्मद अकबर ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर निर्णय की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने राजस्व मंत्री से भी इस प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट करने और सार्वजनिक उपयोग की भूमि के हस्तांतरण पर जवाब देने की मांग की है।
Author: Khabri Chai
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