मोहला-मानपुर. जिले में एक बार फिर बाघ की आमद से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. मानपुर ब्लॉक के औंधी (नवागांव) उप वन परिक्षेत्र अंतर्गत निडेली गांव में बाघ ने बैल पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. घायल बैल का वन विभाग ने इलाज कराया, लेकिन बाघ के पंजों से बुरी तरह जख्मी होने के कारण उसकी मौत हो गई.

जानकारी के मुताबिक, घटना उस समय हुई, जब किसान अपने खेत में जोताई कर रहा था. इसी दौरान खेत से कुछ दूरी पर मौजूद उसके बैल पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया. घटना के बाद मौके पर पहुंचे वन अमले ने जांच के दौरान बाघ के पगमार्क भी बरामद किए. घटना के बाद इलाके में पहुंचकर गश्त कर रहे वन कर्मियों से बाघ का बहुत करीबी सामना हुआ है. हालांकि इससे पहले कि बाघ इन वन कर्मियों पर हमला करता जैसे तैसे वन कर्मियों ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई. मृत मवेशी को जंगल में रखकर उसके आस-पास ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं.
यह पहली घटना नहीं है. पिछले एक वर्ष के दौरान इसी औंधी क्षेत्र में बाघ कई बार देखा जा चुका है और वह पहले भी मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है. खासकर निडेली गांव के आसपास बीते दो महीनों में यह तीसरी घटना है, जब बाघ ने मवेशियों पर हमला किया है.
किसान दसरू राम ने बताया कि वह खेत में जोताई कर रहा था. इसी दौरान खेत से कुछ दूर चर रहे उसके बैल पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया. बैल को घायल करने के बाद बाघ वहां से भाग गया. ग्रामीण शेर सिंह ने बताया कि घटना के दौरान वह गांव से लगे खेत की ओर मौजूद था. इसी दौरान उसकी नजर बेहद करीब बैठे एक बाघ पर पड़ी. बाघ पत्थर पर बैठा अपनी पूंछ हिला रहा था. स्थिति को भांपते हुए शेर सिंह ने अपने साथ मौजूद कुत्तों को बाघ की ओर बढ़ने का इशारा किया और खुद भी तेज आवाजें निकालकर उसे डराने की कोशिश की. कुछ देर बाद बाघ वहां से जंगल की ओर चला गया.
घटना उपरांत जिले के वन मंडलाधिकारी दिनेश पटेल भी घटना स्थल पर पहुंचे. उन्होंने मवेशी मालिक और ग्रामीणों से मुलाकात की. उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृत मवेशी का मुआवजा प्रकरण बना लिया गया है. वहीं बाघ के लगातार आमद के मद्देनजर लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह भी दी गई है. गुरुवार को देर रात तक वन कर्मी इलाके मे गश्त करते रहे. वहीं वन अफसरों की भी इस दौरान इलाके में मौजूदगी बनी रही.
Author: Khabri Chai
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