रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा जांजगीर में दिए गए बयान के बाद अब कांग्रेस ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि उनकी पार्टी भी अवैध धर्मांतरण के खिलाफ है, लेकिन इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए बार-बार उछालना उचित नहीं है
व्यास कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक शांतिप्रिय प्रदेश है, जहां सभी धर्मों के लोग आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते हैं। ऐसे में धर्म के नाम पर विवाद पैदा करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा जबरदस्ती, बहला-फुसलाकर या दबाव बनाकर धर्मांतरण कराया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी भी अवैध धर्मांतरण का समर्थन नहीं करती।
कश्यप ने कहा, “हम मानते हैं कि जबरन या लालच देकर धर्मांतरण कराने वालों के खिलाफ कठोर कानून होना चाहिए और दोषियों पर सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में धर्म कोई बड़ा विवाद का विषय नहीं है। प्रदेश शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा है और लोगों को आपसी भाईचारे के साथ खुशहाल जीवन जीना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जांजगीर में कहा था कि देश के हर राज्य में धर्मांतरण को लेकर सख्त कानून बनाया जाना चाहिए और जबरन धर्मांतरण के मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में धर्मांतरण का मुद्दा फिर से चर्चा का केंद्र बन गया है।
Author: Khabri Chai
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