Chhattisgarh News: बदहाल व्यवस्था से नाराज 45 छात्राओं का पैदल मार्च, 30 किमी दूर कलेक्ट्रेट पहुंचने निकलीं; एक छात्रा बेहोश

 

अंबिकापुर, 8 सितंबर 2026। सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं से नाराज छात्राओं ने सोमवार को प्रशासन का ध्यान खींचने के लिए बड़ा कदम उठाया। स्कूल की करीब 45 छात्राएं लगभग 30 किलोमीटर दूर अंबिकापुर कलेक्टोरेट तक पैदल जाने के लिए निकल पड़ीं। छात्राएं करीब 6 किलोमीटर तक पैदल चल भी चुकी थीं, तभी इसकी जानकारी प्रशासन को मिली। इसके बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और छात्राओं को बस के जरिए कलेक्टोरेट लाया गया।

कलेक्ट्रेट पहुंचते ही कलेक्टर से मिलने पर अड़ीं छात्राएं

कलेक्टोरेट पहुंचने के बाद छात्राओं ने सीधे कलेक्टर अजीत वसंत से मुलाकात करने की मांग की। छात्राओं का कहना था कि स्कूल और हॉस्टल की समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।

इसी दौरान थकान और तनाव के चलते एक छात्रा अचानक बेहोश होकर गिर गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना दी, जिसके बाद छात्रा को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।

तीन महीने से बिजली की समस्या का आरोप

छात्राओं ने हॉस्टल में पिछले करीब तीन महीने से बिजली की समस्या होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा प्रभावित होने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा छात्राओं ने मेस में साफ-सफाई की स्थिति खराब होने की शिकायत भी की। उनका आरोप है कि भोजन व्यवस्था से जुड़े स्थानों पर स्वच्छता का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है।

फिजिक्स और केमिस्ट्री की पढ़ाई भी प्रभावित

छात्राओं ने पढ़ाई को लेकर भी गंभीर शिकायतें रखीं। उनका कहना है कि फिजिक्स और केमिस्ट्री की कक्षाएं नियमित रूप से नहीं लग रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

छात्राओं के मुताबिक उन्होंने पहले भी स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य के समक्ष अपनी समस्याएं रखी थीं। जब समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने प्रशासन तक अपनी बात सीधे पहुंचाने का फैसला किया।

अधिकारियों ने रास्ते में रोकने और समझाने की कोशिश की

छात्राओं के पैदल मार्च की जानकारी मिलने के बाद आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला बैलकोटा पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को समझाने की कोशिश की और प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।

कुछ शिक्षकों ने भी छात्राओं को रोकने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी मांग पर कायम रहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी अन्य अधिकारी के बजाय कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्याएं बताना चाहती हैं।

छात्राओं के बहकावे में आने के दावे पर भी विवाद

मामले में शिक्षकों की ओर से छात्राओं के किसी के बहकावे में आने की बात कही गई। हालांकि छात्राओं ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि वे बिना किसी दबाव के अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक पहुंची हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने एकलव्य आवासीय विद्यालयों में छात्रों को उपलब्ध कराई जा रही बुनियादी सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

कलेक्टर ने दिए तत्काल समाधान के निर्देश

कलेक्टोरेट में छात्राओं से बातचीत के बाद प्रशासन ने उनकी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद छात्राओं को बस के माध्यम से वापस हॉस्टल भेज दिया गया।

कलेक्टर अजीत वसंत ने बिजली व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। इसके साथ ही शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था करने और मेस में साफ-सफाई की स्थिति तत्काल दुरुस्त कराने को कहा गया।

प्रशासन की ओर से कहा गया है कि छात्राओं द्वारा उठाई गई बिजली, शिक्षकों की कमी और मेस की स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान कराया जाएगा।

छात्राओं के मार्च ने खींचा प्रशासन का ध्यान

करीब 30 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट तक पैदल जाने का छात्राओं का फैसला बताता है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर कितनी गंभीर थीं। हालांकि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उन्हें बस से वापस हॉस्टल भेज दिया गया है और तत्काल सुधार के निर्देश भी दिए गए हैं।

अब देखने वाली बात होगी कि छात्राओं द्वारा उठाई गई समस्याओं का जमीनी स्तर पर कितनी जल्दी समाधान होता है और स्कूल में बिजली, शिक्षकों तथा मेस की व्यवस्था कब तक पूरी तरह सामान्य हो पाती है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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