अयोध्या/नई दिल्ली। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी और चोरी के मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नया खुलासा हुआ है। विशेष जांच दल (SIT) की जांच में मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम को बिना अनुमति हटाने या चोरी से जुड़ी 105 घटनाएं सामने आई हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SIT की प्रगति की जानकारी दी।

सुप्रीम कोर्ट ने SIT की ओर से दाखिल विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट को सीलबंद कवर में देखा। रिपोर्ट में CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जानकारी दी गई है। इससे पहले की जांच में करीब 70 घटनाओं का उल्लेख किया गया था, जबकि आगे की जांच में यह संख्या बढ़कर 105 हो गई।
CCTV फुटेज और रिकॉर्ड की जांच से सामने आई 105 घटनाएं
SIT ने मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़े मामले की जांच के दौरान CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और दान से संबंधित रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। जांच में दान की रकम की गिनती वाले स्थान से बिना अनुमति रकम हटाने या छिपाने की 105 घटनाओं की पहचान होने की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी गई है।
जांच एजेंसी ने कथित चोरी से जुड़े घटनाक्रम को समझने के लिए CCTV फुटेज और वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान किया है। रिपोर्ट का बड़ा हिस्सा अभी सीलबंद है, इसलिए जांच से जुड़े सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
25 सितंबर तक दाखिल होगी चार्जशीट
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और 25 सितंबर 2026 तक आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। यह तारीख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मामले में पहली गिरफ्तारी के 90 दिन 25 सितंबर को पूरे हो रहे हैं।
कानूनी प्रावधानों के तहत निर्धारित अवधि के भीतर जांच एजेंसी द्वारा आरोपपत्र दाखिल नहीं किए जाने की स्थिति में आरोपी को वैधानिक या डिफॉल्ट जमानत का अधिकार मिल सकता है। इसी वजह से SIT निर्धारित समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।
सुप्रीम कोर्ट ने सीलबंद रिपोर्ट पर क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने SIT की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लिया है। अदालत ने फिलहाल रिपोर्ट को याचिकाकर्ताओं के सामने सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं दी। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर आगे जांच से संबंधित निर्देश दिए जा सकते हैं।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही है, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन भी शामिल हैं।
आठ आरोपी पहले ही गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान मंदिर में चढ़ावे की रकम को संभालने और गिनने से जुड़े आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। SIT ने कथित रकम की हेराफेरी से जुड़े रिकॉर्ड और CCTV फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई है।
जांच में सामने आई 105 घटनाएं अभी SIT के जांच निष्कर्ष का हिस्सा हैं। आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी और मामले में अंतिम स्थिति अदालत में पेश होने वाले आरोपपत्र और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।
चांदी की ईंटों को लेकर भी SIT ने दी जानकारी
इसी जांच के दौरान मंदिर को मिले कीमती दान को लेकर भी SIT ने सत्यापन किया। सुप्रीम कोर्ट को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक करीब 200 किलोग्राम और 38.288 किलोग्राम चांदी की ईंटों सहित अन्य कीमती दान सामग्री के रिकॉर्ड की जांच की गई और इनके रखरखाव में कोई विसंगति नहीं मिली।
करीब 944.411 किलोग्राम सफेद धातु, जिसे चांदी बताया गया था, से जुड़े रिकॉर्ड को भी जांच के दायरे में लिया गया है और संबंधित सामग्री को पिघलाने के लिए भेजे जाने के रिकॉर्ड की जांच की गई है।
अब 25 सितंबर पर टिकी नजर
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT की जांच अब अंतिम चरण में है। 105 कथित चोरी की घटनाओं का सामने आना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन मामले की पूरी तस्वीर चार्जशीट और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में सामने आएगी।
अब सबसे अहम घटनाक्रम 25 सितंबर 2026 तक दाखिल होने वाली SIT की चार्जशीट होगी। इसके बाद अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और आरोपों के आधार पर मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
Author: Khabri Chai
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