कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 6 जून की रात हुई एक सनसनीखेज घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बोलेरो सवार युवकों ने पहले एक युवक को वाहन से टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद आरोपियों का पीछा कर रहे उसके पत्रकार मित्र का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया और उसे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान चंद्रमणि रात्रे के रूप में हुई है, जो कोरबा में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पुत्र बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि देर रात बोलेरो सवार कुछ लोगों ने चंद्रमणि रात्रे को अपनी गाड़ी से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी गंभीर थी कि वह बुरी तरह घायल हो गया और उसकी हालत नाजुक बताई गई।
घटना के बाद चंद्रमणि के दोस्तों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। इस बीच उसके मित्र अरविंद राठौर, जो पेशे से पत्रकार बताए जा रहे हैं, आरोपियों का पीछा करने निकल पड़े। आरोप है कि शहर से दूर पहुंचने के बाद बोलेरो सवार आरोपियों ने अरविंद को घेर लिया और उसका अपहरण कर लिया।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने अरविंद के साथ मारपीट करने से पहले उस पर पिस्तौल तान दी। आरोप है कि आरोपियों ने डराने के लिए हवाई फायरिंग भी की और फिर लोहे की रॉड सहित अन्य हथियारों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। हमले में अरविंद को गंभीर चोटें आईं।
बताया जा रहा है कि जब आरोपियों को लगा कि अरविंद की हालत बेहद गंभीर हो चुकी है, तो उसे सड़क किनारे फेंक दिया गया। आरोप यह भी है कि आरोपी वहीं आसपास रुके रहे और अरविंद के अन्य दोस्तों के आने का इंतजार करते रहे। उनका इरादा मौके पर पहुंचने वाले अन्य लोगों पर भी हमला करने का था।
कुछ समय बाद जब अरविंद के साथी उसे तलाशते हुए घटनास्थल पर पहुंचे, तो उन पर भी हमला किए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि वे किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकलने में सफल रहे और घायल अरविंद को अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना में घायल चंद्रमणि रात्रे की हालत अब भी गंभीर बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। वहीं पत्रकार अरविंद राठौर का भी इलाज जारी है और उन्हें कई गंभीर चोटें आई हैं।
घटना के दो दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि इतने गंभीर मामले में पुलिस को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए थी।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से क्या कार्रवाई की गई है और आरोपियों की तलाश किस स्तर पर पहुंची है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। वहीं पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल सड़क हादसे तक सीमित नहीं रहकर हत्या के प्रयास, अपहरण, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और सामूहिक हमले जैसे गंभीर अपराधों का रूप ले सकता है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
Author: Khabri Chai
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