रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, घोटाले से अर्जित धन को गोवा, दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में निवेश किया गया था।
ईडी की कार्रवाई में उत्तर गोवा स्थित लगभग 110 करोड़ रुपये मूल्य का एक लग्जरी रिसॉर्ट और भाटागांव में करीब 30 करोड़ रुपये की संपत्ति समेत कई अचल संपत्तियां शामिल हैं। एजेंसी का दावा है कि इन संपत्तियों की खरीद शराब घोटाले से प्राप्त अवैध धन से की गई थी।
ईडी ने इस मामले में अपनी छठी पूरक चार्जशीट भी अदालत में पेश की है। इसमें शराब कारोबार से जुड़े विजय भाटिया, टी. भुवनेश्वर राव, प्रवीर शर्मा और निखिल चंद्राकर को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि ये लोग सिंडिकेट से जुड़े हुए थे और घोटाले की रकम को विभिन्न कंपनियों और निवेश माध्यमों के जरिए खपाने में भूमिका निभा रहे थे।
ईडी के अनुसार, घोटाले से प्राप्त धन को सीधे निवेश करने के बजाय परिचितों और सहयोगियों के माध्यम से अलग-अलग कंपनियों, होटल परियोजनाओं और रियल एस्टेट में लगाया गया। जांच में सामने आया है कि कई कंपनियों और सोसायटियों के जरिए जमीन और व्यावसायिक संपत्तियां खरीदी गईं।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि शराब कारोबार में कमीशनखोरी के लिए कई कंपनियां बनाई गई थीं। इन कंपनियों के जरिए सिंडिकेट को लाभ पहुंचाने और अवैध कमाई को वैध दिखाने का प्रयास किया गया। ईडी ने ऐसी कंपनियों से जुड़ी करोड़ों रुपये की संपत्तियों को भी कुर्क किया है।
ईडी के मुताबिक, 2019 से 2023 के बीच संचालित इस कथित शराब घोटाले में अब तक 89 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
ईडी का दावा है कि शराब सिंडिकेट ने अवैध शराब बिक्री, कमीशन व्यवस्था और वितरण नेटवर्क के जरिए हजारों करोड़ रुपये का घोटाला किया, जिसकी रकम को देश के विभिन्न हिस्सों में निवेश कर संपत्तियां खड़ी की गईं।
Author: Khabri Chai
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