श्रीनगर: कुलगाम में हाल ही में हुए निर्दोष श्रमिकों पर हमले के बाद सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। इसी कड़ी में शनिवार आधी रात को बारामूला जिले में एक और बड़े लक्षित हमले (Targeted Attack) के षड्यंत्र को नाकाम करते हुए सुरक्षाबलों ने हथियारों से लैस एक आतंकी को दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आतंकी के पास से अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, कुलगाम की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क थीं। शनिवार और रविवार की मध्य रात्रि को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सीआरपीएफ और सेना की एक संयुक्त टीम ने जंदफरन-गोरीवान क्रोसिंग (थाना शीरी क्षेत्र) पर नाका चेकिंग लगा रखी थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर एक शख्स को रोका गया।
तलाशी लेने पर उसके पास से एक अत्याधुनिक एमपी-5 सब-मशीनगन (MP-5 Sub-machine gun), एक मैगजीन और 10 कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के बाद उसकी पहचान अजाज अहमद गनई, निवासी नंबलान (जिला बारामूला) के रूप में हुई। पुलिस ने थाना शीरी में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और उससे जुड़े अन्य नेटवर्क खंगाले जा रहे हैं।
कुलगाम में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की हत्या से जुड़ रहे तार
सुरक्षा सूत्रों का मानना है कि बारामूला से गिरफ्तार यह आतंकी, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में हाल ही में हुए आतंकी हमले के मुख्य हमलावरों में से एक लतीफ बट का करीबी साथी हो सकता है।
गौरतलब है कि कुलगाम के केलम इलाके में शुक्रवार को आतंकवादियों ने पिछले साल हुए पहलगाम हमले की तर्ज पर पहचान और धर्म पूछने के बाद छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं, जिससे दोनों श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस नृशंस हत्याकांड के बाद से ही पूरे इलाके में सुरक्षाबलों ने आतंकियों की धरपकड़ के लिए जॉइंट ऑपरेशन छेड़ रखा है।
पुलवामा में आतंकी मददगार गिरफ्तार, ड्रोन से हो रही जंगलों की निगरानी
रविवार शाम को सुरक्षाबलों ने पुलवामा जिले से एक आतंकी मददगार को भी धर दबोचा, जिससे पूछताछ के आधार पर कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर, कुलगाम के केलम और हबलिशी तथा आसपास के इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। प्रमुख मार्गों को बख्तरबंद वाहनों से सील कर दिया गया है।
जंगली इलाकों में छिपे आतंकवादियों की थाह लेने के लिए सेना ड्रोन और हाई-रिज़ॉल्यूशन नाइट विजन उपकरणों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है। इसके अलावा, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मीरबाजार के पास अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि संदिग्ध वाहनों और असामाजिक तत्वों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे खौफनाक षड्यंत्र के पीछे प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के छद्म संगठन (Proxy Group) ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) और उसके कमांडर लतीफ बट का हाथ सामने आ रहा है।
Author: Khabri Chai
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