छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला ने ऐसे नवजात को जन्म दिया, जिसके चार हाथ और चार पैर हैं। नवजात को देखते ही अस्पताल में मौजूद डॉक्टर और नर्स भी हैरान रह गए। बच्चे के जन्म की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर में उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी।

डॉक्टरों के मुताबिक, प्रारंभिक तौर पर यह मामला कंजॉइन्ड ट्विन्स यानी जुड़े हुए जुड़वां बच्चों का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल नवजात और उसकी मां दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। बच्चे की विस्तृत जांच और विशेषज्ञ उपचार के लिए उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल पहुंची थी महिला
जानकारी के अनुसार, लवकुशनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली नीता आहिरवार को प्रसव पीड़ा होने पर उनके पति शिवचरण आहिरवार उन्हें लवकुशनगर के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। महिला की स्थिति को देखते हुए अस्पताल की नर्स ने उन्हें तत्काल भर्ती किया और चिकित्सकीय निगरानी में इलाज शुरू किया।
कुछ ही देर बाद महिला ने बच्चे को जन्म दिया। नवजात को देखने के बाद डॉक्टर और नर्स कुछ समय के लिए हैरान रह गए, क्योंकि उसके शरीर में सामान्य से अधिक हाथ और पैर दिखाई दे रहे थे।
डॉक्टरों ने तत्काल की नवजात की जांच
मामले की जानकारी मिलते ही अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और बीएमओ डॉ. लखन सिंह को सूचना दी गई। वे मौके पर पहुंचे और नवजात की प्रारंभिक जांच की।
जांच के बाद बच्चे को सुरक्षित और मां को भी स्वस्थ बताया गया। हालांकि बच्चे के असामान्य शारीरिक गठन को देखते हुए आगे की विस्तृत जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता बताई गई है।
अस्पताल में जुटी लोगों की भीड़
नवजात के चार हाथ और चार पैर होने की जानकारी अस्पताल में मौजूद लोगों के बीच तेजी से फैल गई। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग बच्चे को देखने के लिए अस्पताल परिसर में जुटने लगे।
बच्चे के जन्म की खबर आसपास के इलाकों में भी फैल गई और देखते ही देखते यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
पिता ने कहा- ईश्वर की देन है
बच्चे के पिता शिवचरण आहिरवार को जब नवजात के चार हाथ और चार पैर होने की जानकारी मिली तो वे भी उसे देखने पहुंचे। बच्चे को देखकर वे हैरान हुए, लेकिन उन्होंने इसे ईश्वर की देन बताया।
उन्होंने कहा कि बच्चे की स्थिति को लेकर डॉक्टर जो उचित समझेंगे, उसके अनुसार आगे इलाज कराया जाएगा।
डॉक्टरों ने बताया बेहद दुर्लभ मामला
बीएमओ डॉ. लखन सिंह के अनुसार, इस तरह के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कंजॉइन्ड ट्विन्स का मामला प्रतीत हो रहा है। हालांकि बच्चे की वास्तविक स्थिति और उसके उपचार की दिशा विशेषज्ञ चिकित्सकों की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बेहतर इलाज के लिए जबलपुर किया गया रेफर
नवजात को बेहतर उपचार और विशेषज्ञ जांच उपलब्ध कराने के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। बच्चे को सुरक्षित तरीके से जबलपुर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था किए जाने की भी बात कही गई है।
फिलहाल मां और नवजात दोनों डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। जबलपुर में विशेषज्ञ चिकित्सक बच्चे की विस्तृत जांच करेंगे, जिसके बाद उसकी स्थिति और आगे के उपचार को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
Author: Khabri Chai
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