Admission Scam: फर्जी एडमिशन के नाम पर करोड़ों की ठगी, अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़; 10 आरोपी गिरफ्तार

मुंबई। देश के नामी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का सपना दिखाकर छात्रों और उनके अभिभावकों से ठगी करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय गिरोह का मुंबई पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पवई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पुणे से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रतिष्ठित कॉलेजों में सीट दिलाने का दावा कर छात्रों और उनके परिवारों से पैसे ऐंठते थे। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया।

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों में 10 इंजीनियर शामिल हैं और शुरुआती जांच में करीब 35 लोगों से लगभग 50 लाख रुपये की ठगी का पता चला है।

Instagram पर विज्ञापन देकर फंसाते थे छात्र

पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर फर्जी विज्ञापन और एडमिशन से जुड़े दावे पोस्ट करते थे। इन विज्ञापनों के जरिए वे ऐसे छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचते थे, जो प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए विकल्प तलाश रहे होते थे।

आरोपी खुद को कॉलेजों से जुड़े प्रभावशाली लोगों या एडमिशन कराने में सक्षम बिचौलियों के रूप में पेश करते थे। भरोसा कायम होने के बाद छात्रों और उनके परिजनों से एडमिशन के नाम पर बड़ी रकम मांगी जाती थी।

नामचीन कॉलेजों में सीट दिलाने का झांसा

गिरोह का कथित तरीका यह था कि छात्रों को बताया जाता था कि उनके पास नामी इंजीनियरिंग संस्थानों में सीट उपलब्ध कराने का प्रभाव और संपर्क है। एडमिशन पक्का कराने के नाम पर रकम ली जाती और बाद में फर्जी दस्तावेज या दूसरे बहाने बनाकर पीड़ितों को गुमराह किया जाता था।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपियों ने किन-किन कॉलेजों के नाम का इस्तेमाल किया और क्या किसी वास्तविक संस्थान या व्यक्ति से उनका कोई संपर्क था।

एक महिला की शिकायत से खुला मामला

इस पूरे नेटवर्क का खुलासा एक महिला की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत मिलने के बाद पवई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारी का इस्तेमाल किया।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को गिरोह के पुणे कनेक्शन की जानकारी मिली। इसके बाद कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया गया।

मोबाइल, लैपटॉप समेत इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त

पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए। पुलिस ने 22 मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामान जब्त किया है। जब्त सामग्री की जांच की जा रही है ताकि आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट, चैट, कॉल रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन से जुड़े साक्ष्य सामने आ सकें।

पुलिस को आशंका है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से गिरोह के अन्य सदस्यों और संभावित पीड़ितों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।

पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और इसके जरिए कितने छात्रों से पैसे लिए गए। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों में नेटवर्क कैसे बनाया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा था।

फर्जी एडमिशन के ऐसे मामलों में पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी एडमिशन एजेंट या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा करने से पहले संबंधित कॉलेज की आधिकारिक प्रवेश प्रक्रिया और दस्तावेजों की पुष्टि जरूर करें।

फिलहाल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से इस कथित एडमिशन रैकेट से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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