रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मुआवजा राशि के नाम पर ग्रामीण से 49 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन और मकान अधिग्रहण के बाद मिली मुआवजा राशि से जुड़ी बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने आरोपियों ने ग्रामीण से चेक पर हस्ताक्षर करा लिए और उसकी जानकारी के बिना लाखों रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार है।

जमीन अधिग्रहण के बाद मिली थी 69.64 लाख की राशि
मामला घरघोड़ा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक ग्राम तिलाईपाली बिच्छीनारा निवासी अमीर कुमार राठिया की जमीन और मकान एनटीपीसी तलाईपाली कोयला खनन परियोजना के लिए अधिग्रहित किए गए थे। इसके एवज में उन्हें कुल 69 लाख 64 हजार 618 रुपये की मुआवजा राशि मिली थी।
आरोप है कि इसी रकम से जुड़ी बैंकिंग और कागजी प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर गांव के ही खगेश्वर गुप्ता ने अमीर कुमार की बैंक पासबुक अपने पास रख ली।
बैंक ले जाकर चेक पर कराया हस्ताक्षर
शिकायत के अनुसार, 8 जून 2026 को खगेश्वर गुप्ता अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ अमीर कुमार को पंजाब नेशनल बैंक की रायकेरा शाखा लेकर गया। वहां बैंक की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर कथित तौर पर ग्रामीण से चेक पर हस्ताक्षर करा लिए गए।
पीड़ित का कहना है कि उसने अपने बच्चों के खातों में 5-5 लाख रुपये जमा कराने की सहमति दी थी, लेकिन उसके हस्ताक्षर वाले चेक से वास्तव में कितनी राशि और किन खातों में भेजी गई, इसकी जानकारी उसे नहीं दी गई।
बैंक स्टेटमेंट से खुला 49.50 लाख का राज
बाद में जब अमीर कुमार ने अपने बैंक खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो उसे खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर होने की जानकारी मिली।
- मोतीलाल गुप्ता के खाते में: ₹25 लाख
- जगदीश गुप्ता के खाते में: ₹24.50 लाख
- कुल ट्रांसफर: ₹49.50 लाख
पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसकी जानकारी और सहमति के बिना उसके हस्ताक्षर वाले चेक का इस्तेमाल कर यह रकम आरोपियों के परिचितों और रिश्तेदारों के खातों में भेजी गई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, एक आरोपी गिरफ्तार
शिकायत के बाद घरघोड़ा पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड, खातों के स्टेटमेंट और अन्य साक्ष्यों की जांच शुरू की। मामले में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत BNS की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने खगेश्वर गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी प्रदीप गुप्ता के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया।
18 अगस्त 2026 को खगेश्वर गुप्ता (29 वर्ष), निवासी ग्राम तिलाईपाली, थाना तमनार, जिला रायगढ़ को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
दूसरा आरोपी अभी फरार
मामले में शामिल दूसरा आरोपी प्रदीप गुप्ता फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे बैंक पासबुक, चेकबुक और अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को न सौंपें। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी पूरी जानकारी जरूर पढ़ें और अपने बैंक खाते में होने वाले लेन-देन की नियमित निगरानी करें।
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि मुआवजा या सरकारी राशि मिलने के बाद बैंकिंग प्रक्रिया में किसी दूसरे व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना भारी पड़ सकता है।
Author: Khabri Chai
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