छत्तीसगढ़ में अंतरशहरी यात्री बसों से सफर करने वालों के लिए किराये की नई दरें निर्धारित कर दी गई हैं। राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने 8 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी कर साधारण, डीलक्स, रात्रिकालीन, शयनयान और वातानुकूलित बसों के लिए अलग-अलग किराया तय किया है। अधिसूचना के अनुसार, नई दरें राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होंगी।
नई व्यवस्था के तहत साधारण बस में शुरुआती पांच किलोमीटर के लिए प्रति यात्री 10 रुपये और डीलक्स बस में 12 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसके बाद तय दर के अनुसार प्रत्येक किलोमीटर की यात्रा का किराया लगेगा। यह व्यवस्था नगर सेवाओं से अलग अंतरशहरी बस सेवाओं पर लागू होगी।

साधारण और डीलक्स बसों का किराया कितना होगा?
परिवहन विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, अलग-अलग श्रेणियों की बसों के लिए किराये की दरें इस प्रकार निर्धारित की गई हैं।
| बस सेवा की श्रेणी | पहले 5 किमी का किराया | इसके बाद प्रति किमी | साधारण बस | ₹10 | ₹1.75 | साधारण रात्रिकालीन बस | साधारण बस की दर से 10% अधिक | साधारण दर से 10% अधिक | डीलक्स बस | ₹12 | ₹2.20 | डीलक्स रात्रिकालीन बस | ₹12 | ₹2.20 | गैर-AC डीलक्स शयनयान/अर्धशयनयान | ₹12 | ₹2.20 | AC डीलक्स शयनयान/अर्धशयनयान | ₹12 | ₹3.20 | अति विलासितापूर्ण AC बसें | ₹12 | ₹3.30 |
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अति विलासितापूर्ण बसों की श्रेणी में वोल्वो, स्कैनिया और मर्सिडीज जैसी बसें शामिल हैं। वातानुकूलित अर्धशयनयान में सीट के लिए प्रति किलोमीटर 3 रुपये तथा शयनयान में बर्थ के लिए 3.30 रुपये की दर निर्धारित की गई है।
किन यात्रियों को मिलेगी 100 प्रतिशत छूट?
नई किराया व्यवस्था में कुछ श्रेणियों के यात्रियों को बस किराये में पूरी छूट देने का प्रावधान किया गया है। इसमें शामिल हैं:
- दृष्टिबाधित व्यक्ति।
- बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति।
- दोनों पैरों से चलने में असमर्थ दिव्यांग व्यक्ति।
- 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक।
- एचआईवी से पीड़ित व्यक्ति।
निर्धारित श्रेणियों के पात्र यात्रियों के साथ यात्रा करने वाले एक सहायक को भी किराये में पूरी छूट देने का प्रावधान है। हालांकि, छूट का लाभ लेने के लिए संबंधित श्रेणी के अनुसार मान्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
दोनों पैरों से दिव्यांग यात्रियों के लिए पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग या शासकीय अस्पताल के अधिकारी द्वारा जारी फोटोयुक्त प्रमाणपत्र की आवश्यकता होगी। एचआईवी से पीड़ित यात्रियों के मामले में संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी, राज्य एड्स नियंत्रण समिति, एआरटी केंद्र या कैंसर अस्पताल द्वारा जारी फोटोयुक्त प्रमाणपत्र मान्य होगा।
नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को 50% छूट
छत्तीसगढ़ के निवासी नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को राज्य के भीतर यात्री बस से सफर करने पर 50 प्रतिशत किराये की छूट देने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर कलेक्टर द्वारा जारी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा।
इस छूट का लाभ लेने के लिए यात्रियों को निर्धारित पात्रता और दस्तावेज संबंधी शर्तों का पालन करना होगा।
किराये की गणना में 50 पैसे का नियम
नई दरों के अनुसार, किराये की गणना के दौरान यदि राशि में 50 पैसे या इससे अधिक का अंश होगा, तो उसे अगले पूर्ण रुपये में बदला जाएगा। वहीं, 50 पैसे से कम की राशि को छोड़ दिया जाएगा।
रात्रिकालीन बस सेवा के लिए भी विशेष परिभाषा तय की गई है। ऐसी बसें, जो सामान्यतः सूर्यास्त से सूर्योदय के बीच चलती हैं और जिनकी एक तरफ की यात्रा 200 किलोमीटर से अधिक होती है, उन्हें इस श्रेणी में शामिल किया जाएगा। बस के पंजीयन प्रमाणपत्र और परमिट में सेवा की श्रेणी का उल्लेख होना आवश्यक है।
नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
परिवहन विभाग ने किराये में छूट से जुड़े निर्धारित नियमों के पालन पर भी जोर दिया है। अधिसूचना में दी गई छूट की शर्तों का उल्लंघन होने पर परमिटधारक और परिचालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
नई दरें राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू होंगी। इसलिए यात्रियों को वास्तविक प्रभावी तारीख और अपनी बस सेवा की श्रेणी के अनुसार किराये की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
यात्रियों के लिए जरूरी बात: बस का किराया उसकी श्रेणी और तय दूरी के अनुसार अलग-अलग होगा। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों, पात्र दिव्यांग यात्रियों और अन्य निर्धारित श्रेणियों को छूट का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र साथ रखना होगा।
Author: Khabri Chai
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