बालोद। बालोद जिले के गौरव ग्राम लिमोरा में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। प्रशासनिक अनदेखी से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने बीते शुक्रवार को गांव का कामकाज बंद कर तीन स्कूलों के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और जमकर नारेबाजी की। इस कार्रवाई से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। पुलिस, राजस्व और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घंटों चली बातचीत के बाद शिक्षा विभाग ने 10 दिनों के भीतर शिक्षकों की व्यवस्था करने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोला।
बोर्ड परीक्षार्थियों के भविष्य पर संकट
ग्राम लिमोरा का प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी तक का एकीकृत विद्यालय 200 से अधिक विद्यार्थियों के लिए संचालित है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षकों की भारी कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए फिजिक्स, हिंदी और संस्कृत जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, स्कूल में मौजूद एकमात्र गणित शिक्षक पर प्रिंसिपल का अतिरिक्त प्रभार होने के कारण उन्हें प्राथमिक, मिडिल और हायर सेकेंडरी तीनों विद्यालयों की प्रशासनिक जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है।

पांच वर्षों से लगाई जा रही गुहार
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले पांच से छह वर्षों से लगातार कलेक्टर कार्यालय और शिक्षा विभाग के समक्ष शिक्षकों की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। एक सप्ताह पहले भी ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपकर तालाबंदी की चेतावनी दी थी। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
सरपंच ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्राम सरपंच जालम सिंह ने कहा कि ग्रामीण पिछले पांच वर्षों से शांतिपूर्वक अपनी मांग रखते रहे हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने 10 दिनों का समय मांगा है। यदि तय समय सीमा में शिक्षकों की पदस्थापना नहीं हुई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासन ने माना ग्रामीणों की मांग जायज
तहसीलदार संध्या नामदेव ने कहा कि ग्रामीणों और पालकों की मांग पूरी तरह उचित है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों से चर्चा की गई है और विभाग को 10 दिनों के भीतर वैकल्पिक अथवा स्थायी शिक्षकों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक स्कूल का ताला खोल दिया।
Author: Khabri Chai
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