रामपुर में ED की बड़ी कार्रवाई
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह करीब 7 बजे ED की टीम ने रामपुर में आजम खान के जेल रोड स्थित आवास, मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय समेत उनसे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।
यह कार्रवाई आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच के सिलसिले में की जा रही है। जांच एजेंसी ट्रस्ट की आय-व्यय और विश्वविद्यालय के निर्माण में हुए खर्च से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
494 करोड़ रुपये के निर्माण खर्च का मामला
जांच का एक प्रमुख बिंदु जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण पर हुए कथित भारी खर्च से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय के निर्माण पर अनुमानित 494 करोड़ रुपये खर्च होने का उल्लेख किया गया है।
आयकर विभाग ने ट्रस्ट से वर्ष 2015 से 2020 के बीच हुई आय और व्यय के साथ-साथ विश्वविद्यालय के लिए जमीन खरीद, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण कार्यों पर खर्च की गई रकम का दस्तावेजी ब्योरा मांगा था।
आरोप है कि ट्रस्ट इन खर्चों का पूरा विवरण और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाया।

आयकर विभाग पहले ही रद्द कर चुका है ट्रस्ट का पंजीकरण
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को लेकर आयकर विभाग पहले भी कार्रवाई कर चुका है। विभाग ने 23 जून को आय और व्यय का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराने समेत कथित अनियमितताओं के आधार पर ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द कर दिया था।
इसके बाद ट्रस्ट को कई वित्तीय लेनदेन और विश्वविद्यालय से जुड़े खर्चों का रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किए गए थे।
11 संदिग्ध फर्मों से जुड़े लेनदेन की भी जांच
जांच के दौरान आयकर विभाग ने कथित तौर पर उन 11 फर्मों से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे थे, जिन्होंने दान के नाम पर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये दिए थे।
इन फर्मों से ट्रस्ट को मिले धन और उसके इस्तेमाल से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। ट्रस्ट की ओर से इन दस्तावेजों को उपलब्ध कराने के लिए अतिरिक्त समय मांगे जाने की बात सामने आई थी।
जुलाई में पुलिस से मांगा था मुकदमों का रिकॉर्ड
ED की ताजा कार्रवाई से पहले जुलाई में जांच एजेंसी ने पुलिस और प्रशासन से आजम खान के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमों का विवरण मांगा था। इसके बाद से ही रामपुर में ED की कार्रवाई की संभावना जताई जा रही थी।
अब टीम की छापेमारी के बाद आजम खान और उनसे जुड़े ट्रस्ट तथा विश्वविद्यालय की वित्तीय गतिविधियां एक बार फिर जांच के केंद्र में आ गई हैं।
2022 में भी जौहर यूनिवर्सिटी पहुंची थी ED टीम
जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में ED की सक्रियता नई नहीं है। इससे पहले 2022 में भी ED की एक टीम विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों की प्रारंभिक पड़ताल के लिए रामपुर पहुंची थी।
अब ताजा कार्रवाई में जांच का दायरा और व्यापक होने की बात सामने आ रही है। हालांकि छापेमारी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री बरामद हुई है, इसकी विस्तृत जानकारी जांच एजेंसी की ओर से सामने आना बाकी है।
आजम खान पहले से जेल में बंद
आजम खान वर्तमान में रामपुर की जेल में बंद हैं और दो पैन कार्ड मामले में उन्हें 10 वर्ष की सजा हुई है। ED की ताजा कार्रवाई के बाद उनके खिलाफ चल रही जांच और कानूनी मामलों को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है।
फिलहाल ED की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। छापेमारी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच एजेंसी को क्या अहम सुराग या दस्तावेज मिले हैं।
Author: Khabri Chai
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