रायपुर। छत्तीसगढ़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भक्तिमय माहौल बना हुआ है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, भजन-कीर्तन और भोग की तैयारियां की गई हैं। शाम होते ही मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी।

जन्माष्टमी के चलते राजधानी रायपुर में कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा। विशेष रूप से टाटीबंध क्षेत्र में श्रद्धालुओं और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण लंबा जाम देखने को मिला।
टाटीबंध में करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम
रायपुर के टाटीबंध सर्विस रोड पर जन्माष्टमी के चलते करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस्कॉन मंदिर और सर्विस रोड से दुर्ग की ओर जाने वाले मार्ग पर बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण वाहनों का दबाव बढ़ गया।
मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालुओं और सड़क पर बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण यातायात की रफ्तार काफी धीमी हो गई। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं और लोगों को जाम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष आयोजन होने के कारण आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की संभावना है।
जैतूसाव मठ में 11 क्विंटल मालपुआ का भोग
रायपुर के जैतूसाव मठ में जन्माष्टमी के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। यहां भगवान श्रीकृष्ण को 11 क्विंटल मालपुआ और 1 क्विंटल पंजीरी का भोग अर्पित किया जाएगा।
विशेष भोग की तैयारियों को लेकर मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं की गई हैं। भगवान के दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

101 लीटर दूध से भगवान का अभिषेक
समता कॉलोनी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में भी जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किया गया। यहां भगवान का 101 लीटर दूध से अभिषेक किया गया।
अभिषेक के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में भक्त मौजूद रहे। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है।
इस्कॉन मंदिर में तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव
रायपुर के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर तीन दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जन्माष्टमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
राजनांदगांव में अखाड़े के पारंपरिक खेलों का आयोजन
राजनांदगांव में भी जन्माष्टमी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। यहां आयोजित अखाड़े के पारंपरिक खेलों में महापौर मधुसूदन यादव भी शामिल हुए।
पारंपरिक खेलों और धार्मिक आयोजनों ने जन्माष्टमी के उत्सव में अलग रंग भर दिया। शहर में अलग-अलग स्थानों पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
रायगढ़ में 20 से ज्यादा आकर्षक झांकियां
रायगढ़ में जन्माष्टमी के अवसर पर 20 से ज्यादा झांकियां तैयार की गई हैं। इन झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों और धार्मिक कथाओं को प्रदर्शित किया जा रहा है।
शहर के मंदिरों और प्रमुख स्थानों पर विशेष सजावट की गई है। रात में रंग-बिरंगी रोशनी से धार्मिक स्थलों का नजारा और भी आकर्षक नजर आ रहा है।
आधी रात को होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का बेसब्री से इंतजार रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था। इसी मान्यता के चलते मंदिरों में रात 12 बजे विशेष पूजा, आरती और जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की आराधना कर रहे हैं। मध्यरात्रि में जन्मोत्सव के बाद भगवान का पंचामृत स्नान, विशेष श्रृंगार और भोग अर्पित किया जाएगा।
पूरे प्रदेश में कृष्ण भक्ति का माहौल
रायपुर, राजनांदगांव और रायगढ़ समेत छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में जन्माष्टमी का उत्साह चरम पर है। कहीं भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं तो कहीं विशेष अभिषेक और भोग के आयोजन किए जा रहे हैं।
मंदिरों की आकर्षक सजावट, भजन-कीर्तन, पारंपरिक कार्यक्रम और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच पूरा प्रदेश कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आ रहा है। वहीं रायपुर के टाटीबंध में लगा करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम जन्माष्टमी आयोजनों में उमड़ी भारी भीड़ का भी असर दिखा रहा है।
Author: Khabri Chai
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