अदाणी-जाबिल की ऐतिहासिक साझेदारी: भारत बनेगा AI इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक हब

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को नई गति देने के लिए अदाणी ग्रुप और अमेरिकी इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग दिग्गज जाबिल (Jabil) ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस गठबंधन का उद्देश्य भारत में विश्वस्तरीय, पूरी तरह एकीकृत AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म स्थापित करना है।

यह साझेदारी जाबिल के 60 वर्षों के वैश्विक इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग अनुभव को अदाणी ग्रुप के विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क, ग्रीन एनर्जी क्षमता, लॉजिस्टिक्स सिस्टम और तेजी से विस्तार कर रहे डेटा सेंटर व्यवसाय के साथ जोड़ेगी। दोनों कंपनियां मिलकर AI-रेडी डेटा सेंटर हार्डवेयर की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए अत्याधुनिक उत्पादन सुविधाएं विकसित करेंगी।

योजना के तहत भारत में मल्टी-गीगावॉट क्षमता वाले हाई-डेंसिटी AI रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग सिस्टम का निर्माण किया जाएगा। इसमें अगली पीढ़ी के लिक्विड-कूल्ड AI रैक और आधुनिक Surface Mount Technology (SMT) आधारित उन्नत उत्पादन प्रक्रियाओं का उपयोग होगा। यह प्लेटफॉर्म वैश्विक हाइपरस्केलर कंपनियों, को-लोकेशन सुविधाओं और एंटरप्राइज डेटा सेंटरों की जरूरतों को पूरा करेगा।

साझेदारी केवल कंप्यूटिंग हार्डवेयर तक सीमित नहीं रहेगी। इसके तहत पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट (PDU), कूलेंट डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट (CDU), ट्रांसफॉर्मर, स्विचगियर, बसबार और एडवांस थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों का भी निर्माण किया जाएगा। इससे डिजाइन से लेकर तैनाती तक एकीकृत समाधान उपलब्ध कराया जा सकेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार AI कंप्यूटिंग क्षेत्र में वैश्विक निवेश तेजी से बढ़ रहा है और अगले सात वर्षों में यह बाजार 3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक का हो सकता है। ऐसे समय में यह साझेदारी भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण स्थान दिला सकती है।

अदाणी-जेबिल साझेदारी से भारत बनेगा एआई मैन्युफैक्चरिंग हब

भारत का डेटा सेंटर बाजार भी तेजी से विस्तार कर रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2030 तक देश की डेटा सेंटर क्षमता 5 से 8 गीगावॉट तक पहुंच सकती है। AI, क्लाउड सेवाओं और डेटा लोकलाइजेशन की बढ़ती मांग के कारण भारत दुनिया के सबसे आकर्षक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बाजारों में शामिल हो चुका है।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि दुनिया एक नए इंटेलिजेंस रेवोल्यूशन के दौर में प्रवेश कर रही है और भारत के पास इस परिवर्तन का नेतृत्व करने की अद्वितीय क्षमता है। उन्होंने कहा कि जाबिल के साथ यह साझेदारी भारत को AI युग में केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और निर्यातक के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

वहीं जाबिल के सीईओ माइक दास्तूर ने कहा कि यह सहयोग AI इकोसिस्टम में ग्राहकों को दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भारत की कुशल कार्यशक्ति और अनुकूल कारोबारी वातावरण इस साझेदारी को और अधिक प्रभावी बनाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह गठबंधन ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई मजबूती देगा और देश में हजारों उच्च-कौशल रोजगार अवसर पैदा करेगा। साथ ही भारत को AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने में भी मदद करेगा।

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Author: Khabri Chai

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