सरगुजा में विधायक बनाम नायब तहसीलदार विवाद, दोनों पक्षों पर FIR से मचा सियासी तूफान

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**अंबिकापुर (सरगुजा), 29 मई 2026:** छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक बार फिर प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि के बीच टकराव की खबर सामने आई है। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक को पीटने और उनके कपड़े फाड़ने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में विधायक समेत 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं, विधायक की बहन की शिकायत पर नायब तहसीलदार पर भी केस दर्ज हुआ है।

### क्या है पूरा मामला?

मैनपाट की राजापुर उप-तहसील में 14 मई को विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने जमीन संबंधी शाख शोध पत्र (खाता-खेसरा) बनाने के लिए फाइल जमा की थी। आरोप है कि कई दिनों से नायब तहसीलदार तुषार मानिक और संबंधित बाबू उसे दफ्तर के चक्कर लगवा रहे थे।

27 मई को जब सीमा धनकी फाइल पर साइन कराने पहुंचीं तो नायब तहसीलदार ने उनसे कथित तौर पर बदसलूकी की। महिला के अनुसार, तहसीलदार ने कहा- “तुम होती कौन हो? जाकर मैनपाट में साइन करा लो।” इसके बाद उन्हें तहसील से बाहर निकालने की कोशिश की गई।

सीमा धनकी ने इसकी सूचना अपने भाई विधायक रामकुमार टोप्पो को दी। इसके बाद विधायक के समर्थक उप-तहसील पहुंच गए। शाम करीब 6 बजे विधायक ने नायब तहसीलदार को वापस राजापुर बुलाया।

### नायब तहसीलदार का आरोप

नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि विधायक रामकुमार टोप्पो ने उन्हें किनारे बुलाया और मारपीट की। उनके समर्थकों ने भी हमला किया, जिसमें उनके कपड़े फाड़ दिए गए। एसडीएम फागेश सिन्हा ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। तुषार मानिक ने आरोप लगाया कि विधायक और उनके समर्थक मारपीट के इरादे से ही आए थे।

छत्तीसगढ़ : BJP विधायक रामकुमार टोप्पो पर केस दर्ज; नायब तहसीलदार से मारपीट  का आरोप | Chhattisgarh sitapur BJP mla ramkumar toppo assault case fir  Tehsildar Revenue officer accuses cross ...

### विधायक पक्ष का बयान

विधायक रामकुमार टोप्पो ने मारपीट से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनकी बहन के साथ नायब तहसीलदार ने अभद्र व्यवहार किया था। जब समर्थकों को इसकी जानकारी मिली तो वे आक्रोशित हो गए, लेकिन उन्होंने खुद मारपीट नहीं की।

### राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को **”भाजपाइयों की गुंडागर्दी”** बताया। उन्होंने कहा, “सरकार आम जनता तक पहुंच नहीं बना पा रही, इसलिए अधिकारी सुशासन का ढोंग रच रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को जवाब देना चाहिए कि वे अपने विधायक को जेल भेजेंगे या नहीं।”

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि को कानून का सम्मान करना चाहिए।

### प्रशासनिक कर्मचारियों का आंदोलन

कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि 24 घंटे में विधायक समेत आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो कल से पूरे प्रदेश के तहसीलदार सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे।

इस घटना के बाद सीतापुर थाने के बाहर विधायक समर्थकों ने धरना दिया और FIR वापस लेने की मांग की।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

**यह घटना छत्तीसगढ़ में अधिकारी-जनप्रतिनिधि के रिश्तों पर सवाल उठाती है।** प्रशासनिक कामकाज में राजनीतिक दखलंदाजी कितनी उचित है, यह बहस का विषय बन गया है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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