रायपुर में बड़ा प्रशासनिक एक्शन, 150 से ज्यादा बिल्डरों को नोटिस

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रायपुर। शहर में लगातार लिफ्ट फंसने और तकनीकी खराबियों की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। अब पहली बार 150 से ज्यादा डेवलपर्स, बिल्डर्स और कॉलोनाइजरों की बैठक लेकर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलेक्टर की सख्त चेतावनी, एक हफ्ते का अंतिम मौका

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बैठक में सभी बिल्डर्स और कॉम्प्लेक्स संचालकों को साफ संदेश दिया कि कारोबार किसी की जान से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि लिफ्ट का नियमित मेंटेनेंस पूरी तरह से मालिकों की जिम्मेदारी है, न कि किसी ऑपरेटर की।प्रशासन ने सभी को एक हफ्ते का समय दिया है ताकि वे अपने-अपने भवनों की लिफ्ट व्यवस्था दुरुस्त कर लें। इसके बाद प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और बिजली विभाग की संयुक्त टीम जांच करेगी।

खामी मिली तो जुर्माना और सीलिंग की कार्रवाई तय

अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि एक हफ्ते बाद अगर किसी भी कॉम्प्लेक्स या बिल्डिंग में लिफ्ट सिस्टम में खामी पाई गई तो पहले जुर्माना लगाया जाएगा और गंभीर मामलों में भवन को सील भी किया जाएगा।इस सख्ती के बाद शहर के बिल्डर और मॉल संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई जगहों पर तुरंत लिफ्ट मेंटेनेंस और जांच का काम शुरू कर दिया गया है।

लगातार बढ़ रही थीं लिफ्ट फंसने की घटनाएं

पिछले एक महीने में रायपुर में चार अलग-अलग स्थानों पर लिफ्ट बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में आईएएस अफसर ऋचा शर्मा, आईएएस सिध्दार्थ कोमल परदेसी की पत्नी, कांग्रेस नेता नितिन भंसाली और भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी सहित कई लोग लिफ्ट में फंस चुके हैं।इन घटनाओं के बाद प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे।

Lift Incident : रायपुर में लिफ्ट में फंसे भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी, 15 मिनट तक बंद रहे 7 लोग - Swadesh News

पार्किंग और वेस्ट मैनेजमेंट पर भी सख्ती

बैठक में केवल लिफ्ट ही नहीं, बल्कि पार्किंग और कचरा प्रबंधन पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। कलेक्टर ने कहा कि कई बड़े मॉल और कॉम्प्लेक्स में पार्किंग को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिसे तुरंत सुधारना होगा।साथ ही पार्किंग शुल्क को लेकर किसी भी तरह के विवाद से बचने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा सिस्टम और फायर सेफ्टी अनिवार्य

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी बड़े व्यावसायिक भवनों, मॉल्स और मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स में लिफ्ट सुरक्षा, नियमित फिटनेस सर्टिफिकेट, इमरजेंसी सिस्टम, फायर सेफ्टी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य होगा।हर लिफ्ट में इमरजेंसी नंबर और सुरक्षा निर्देश स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के आदेश दिए गए हैं।

निगम कमिश्नर ने कचरा प्रबंधन पर जताई नाराजगी

नगर निगम कमिश्नर संबित मिश्रा ने बैठक में कहा कि कई मॉल और व्यावसायिक संस्थान कचरे का सही निपटान नहीं कर रहे हैं। इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए उन्होंने सभी को वेस्ट सेग्रीगेशन और डिस्पोजल सिस्टम मजबूत करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि स्वच्छता नियमों का उल्लंघन किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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Author: Khabri Chai

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