छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग से ‘स्टेप अप फॉर इंडिया’ NGO बाहर, सरकार ने रद्द किया MOU

छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा विभाग में बड़े सुधार और फर्जीवाड़े पर नकेल कसने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) छत्तीसगढ़ ने गैर-शासकीय संस्था (NGO) ‘स्टेप अप फॉर इंडिया’ के साथ सत्र 2025-26 के लिए किए गए अनुबंध (MOU) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। सरकार द्वारा जारी कड़े आदेश में साफ कहा गया है कि इस संस्था का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक और असंतोषजनक रहा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्धारित उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो सकी। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस एनजीओ पर रायपुर से ताला जड़ा गया है, उसे मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के तत्कालीन कलेक्टर डी. राहुल वेंकट का गजब का ‘वीआईपी संरक्षण’ प्राप्त था, जिसकी चर्चा अब गलियारों में जोरों पर है।

काम नहीं आया ‘कलेक्टर साहब’ का खास लगाव, बंद हुआ खेल

सूत्रों और जमीनी रिपोर्ट्स के मुताबिक, एमसीबी जिले में इस एनजीओ को प्रशासनिक शह इस कदर हासिल थी कि तत्कालीन कलेक्टर डी. राहुल वेंकट गांवों के जरूरतमंद स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के बजाय, शहर के ‘नीला ड्रेस स्कूल’ में चलने वाले इस संस्था के प्रशिक्षण सत्रों में हाजिरी लगाना ज्यादा पसंद करते थे। जब जिले के ग्रामीण इलाकों में बच्चे बुनियादी शिक्षा के लिए तरस रहे थे, तब पूरा प्रशासनिक अमला इस एनजीओ की खातिरदारी और इसके इवेंट्स को चमकाने में मसरूफ रहता था।

पूर्व में ही इस एनजीओ के संदिग्ध कामकाज और नियमों को ताक पर रखकर दिए जा रहे प्रशिक्षण पर बेबाकी से सवाल उठाए थे। ‘नई पहल’ ने अपनी खोजी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया था कि कैसे राज्य में प्रतिबंधों के बावजूद एमसीबी जिले में इस एनजीओ को ‘स्पेशल ट्रीटमेंट’ दिया जा रहा था। SCERT का यह ताजा निलंबन आदेश ‘नई पहल’ की खबरों की सत्यता पर एक बड़ी और अंतिम मुहर है।

लापरवाही का कड़वा सच: पूरे प्रदेश में फिसड्डी (33वें पायदान) रहा MCB जिला

​इस तथाकथित चमचमाते प्रशिक्षण और एनजीओ के दावों की हवा तब पूरी तरह निकल गई, जब इस साल के 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम सामने आए। कथित तौर पर बड़े-बड़े वीआईपी दौरों वाले इस जिले का प्रदर्शन पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में सबसे आखिरी यानी 33वें पायदान पर रहा। इस शर्मनाक रिकॉर्ड ने साफ कर दिया कि बंद कमरों के प्रशिक्षण और कागजी दावों से जमीन पर बच्चों की शिक्षा में कोई सुधार नहीं हुआ, बल्कि केवल और केवल सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया।

सरकारी पत्र में क्या है? (MOU निरस्त करने का मुख्य आधार)

​SCERT के संचालक ऋतुराज रघुवंशी (IAS) द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित पत्र (क्रमांक 1960, दिनांक 01-06-2026) के अनुसार:

  1. घटिया परफॉर्मेंस: समीक्षा के दौरान पाया गया कि संस्था ‘स्टेप अप फॉर इंडिया’ द्वारा संचालित गतिविधियां निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थीं।
  2. शर्तों का उल्लंघन: संस्था द्वारा अपेक्षित शैक्षणिक परिणाम प्राप्त नहीं किए जा सके, जिसके कारण आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए इसके नवीनीकरण को अमान्य करते हुए वर्तमान अनुबंध को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाता है।
  3. चौतरफा सूचना: इस आदेश की प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा मंत्री के निज सहायक, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, समस्त संभाग आयुक्त, संचालक लोक शिक्षण और सभी जिला कलेक्टरों सहित कुल 15 विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

अब उठ रहे हैं बड़े सवाल:

​इस कार्रवाई के बाद अब यह सवाल उठना लाजिमी है कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इस एनजीओ को बिना परफॉर्मेंस जांचे इतने लंबे समय तक जिले में वीआईपी ट्रीटमेंट क्यों दिया गया? क्या तत्कालीन अधिकारियों की इस घोर लापरवाही और ‘विशेष रुचि’ पर भी शासन स्तर से कोई जांच बैठाई जाएगी?

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

Khabri Chai news portal.

Advertisement Carousel