आकांक्षा के घर की आर्थिक स्थिति बेहद सामान्य थी। उसके पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी पेशे से किसान हैं। बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए 3 लाख रुपये का लोन लिया था। इतना ही नहीं, बेटी की पढ़ाई का खर्च उठाने और नागपुर की एक निजी कोचिंग में उसे पढ़ाने के लिए पिता खुद नागपुर में एक कुक (रसोइया) की नौकरी करने लगे थे।
परिजनों के मुताबिक, हाल ही में संपन्न हुई परीक्षा में आकांक्षा को 650 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी। पूरे परिवार को भरोसा था कि इस बार आकांक्षा का चयन हो जाएगा और वह डॉक्टर बनकर परिवार का नाम रोशन करेगी। लेकिन पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसके सपनों को तोड़ दिया।
घटनास्थल से पुलिस को एक भावुक सुसाइड नोट मिला है, जिसने हर किसी की आँखें नम कर दी हैं। आकांक्षा ने लिखा “सॉरी, मम्मी-पापा। आपको भरोसा था कि मेरी बेटी पढ़ लेगी और डॉक्टर बनेगी, पर दोबारा नीट का पेपर देने की हिम्मत नहीं है। मैंने आप दोनों को बर्बाद कर दिया। दोबारा पेपर अच्छा जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है।”
राहुल गांधी ने ट्वीट कर सरकार पर साधा निशाना
इस दुखद आत्महत्या को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने देश में बार-बार लीक हो रहे पेपरों और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
Author: Khabri Chai
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