दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप को गबन और पद के दुरुपयोग के आरोप में मोहन नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हालांकि गिरफ्तारी के बाद उन्हें नियमानुसार थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया। उन पर आरोप है कि उन्होंने विश्वविद्यालय की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी पर दबाव बनाकर उसकी सैलरी का बड़ा हिस्सा हर महीने अपने बेटे के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराया।

महिला कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
मोहन नगर थाना पुलिस के अनुसार विश्वविद्यालय की दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे की शिकायत तथा विश्वविद्यालय की जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर 3 अगस्त 2026 को मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि शुभांगी मराठे विश्वविद्यालय में अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा वे कुलसचिव के सरकारी आवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थीं।
₹11,515 के मानदेय में से केवल ₹2,200 देने का आरोप
शिकायत के मुताबिक शासन की ओर से महिला कर्मचारी को प्रतिमाह 11,515 रुपये मानदेय मिलता था, लेकिन कुलसचिव उन्हें केवल 2,200 रुपये ही देते थे। आरोप है कि शेष राशि ऑनलाइन माध्यम से उनके बेटे उदय कुलदीप के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई जाती थी।
डेढ़ साल में बेटे के खाते में पहुंचे ₹1.49 लाख
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच महिला कर्मचारी के बैंक खाते से कुल 1,49,384 रुपये आरोपी के बेटे के खाते में ट्रांसफर किए गए। जांच समिति ने बैंक खाते, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट में पद के दुरुपयोग के जरिए कर्मचारी की सैलरी से राशि ट्रांसफर कराने की पुष्टि की है।
विश्वविद्यालय जांच के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला
महिला कर्मचारी ने सबसे पहले इस मामले की शिकायत विश्वविद्यालय के कुलपति से की थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंतरिक जांच कर रिपोर्ट दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजी और कार्रवाई की अनुशंसा की। रिपोर्ट के आधार पर मोहन नगर थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप को गिरफ्तार किया।
पद का दुरुपयोग कर आर्थिक लाभ लेने का आरोप
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने प्रशासनिक पद का दुरुपयोग करते हुए दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसके खाते में आने वाले वेतन का अधिकांश हिस्सा डिजिटल माध्यम से अपने बेटे के खाते में ट्रांसफर कराकर आर्थिक लाभ प्राप्त किया।
जांच जारी, जमानत पर रिहाई
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी को नियमानुसार जमानत पर रिहा कर दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Author: Khabri Chai
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