Chhattisgarh: बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता, जंगल से 6 माओवादी डंप बरामद; IED बनाने का भारी जखीरा जब्त

बीजापुर। बस्तर में माओवादी हिंसा पर लगातार लगाम कसने के बाद अब सुरक्षाबलों का फोकस जंगलों में छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने पर है। इसी अभियान के तहत बीजापुर जिले के पीड़िया-हिरमगुंडा क्षेत्र के जंगलों में सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए छह माओवादी डंप बरामद किए हैं। डंप से आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं।

संयुक्त अभियान में मिली बड़ी कामयाबी

सुरक्षा एजेंसियों को मिली खुफिया सूचना के आधार पर 22 जुलाई को पीड़िया-हिरमगुंडा के जंगलों में संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इलाके की घेराबंदी कर चरणबद्ध तरीके से तलाशी ली गई, जिसके दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए छह माओवादी डंप बरामद हुए।

IED बनाने की सामग्री और संचार उपकरण जब्त

बरामद डंप से करीब 30 प्रकार की सामग्री जब्त की गई है। इनमें विस्फोटक पदार्थ, डेटोनेटर, कार्डेक्स वायर, गन पाउडर, रेडियो सेट तथा अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इनका उपयोग सुरक्षाबलों की आवाजाही वाले मार्गों पर आईईडी बिछाने और बड़े हमलों की साजिश को अंजाम देने के लिए किया जाना था।

माओवादियों के मजबूत गढ़ में लगातार कमजोर हो रहा नेटवर्क

हिरमगुंडा और पीड़िया क्षेत्र कभी माओवादियों का मजबूत आधार क्षेत्र माना जाता था। हालांकि, लगातार चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों, नए सुरक्षा शिविरों की स्थापना और प्रशासन की बढ़ती पहुंच के चलते इस इलाके में माओवादी प्रभाव काफी हद तक समाप्त हो चुका है। अब सुरक्षाबल जंगलों में छिपाए गए हथियारों और विस्फोटकों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के अभियान में जुटे हैं।

जंगलों से लगातार मिल रहे हथियार और विस्फोटक

31 मार्च 2026 के बाद माओवादी हिंसा पर निर्णायक बढ़त मिलने के बावजूद सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है। अब प्राथमिकता उन हथियारों, नकदी और विस्फोटकों को बरामद करने की है, जिन्हें माओवादियों ने वर्षों के दौरान जंगलों में छिपाकर रखा था। हाल के महीनों में हुई कई बड़ी बरामदगियां इस बात का संकेत हैं कि संगठन का सैन्य ढांचा कमजोर पड़ चुका है, लेकिन उसका लॉजिस्टिक नेटवर्क अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

बीजापुर में सुरक्षा बलों का अभियान जारी, जंगलों और पहाड़ी इलाकों में सर्च  ऑपरेशन | CRPF And District Police joint operation against Maoists in Naxal  affected Bijapur

हाल के महीनों की प्रमुख बरामदगी

12 मई, बीजापुर: सुरक्षाबलों ने एक माओवादी डंप से करीब ₹1 करोड़ नकद, एके-47, बीजीएल लॉन्चर, बीजीएल शेल, डेटोनेटर और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना गया।

मई 2026, कांकेर: संयुक्त अभियान में हाई-प्रेशर कुकर आईईडी, पाइप आईईडी, बीजीएल राउंड, पेट्रोल बम, कार्डेक्स वायर और अन्य विस्फोटक सामग्री से भरा डंप बरामद कर निष्क्रिय किया गया। 26 जून, नारायणपुर: दो माओवादी डंप से ₹24 लाख नकद, हथियार, गोला-बारूद और बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।

बारूदी नेटवर्क खत्म करने पर सुरक्षा एजेंसियों का फोकस

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि माओवादी संगठनों की सक्रियता कमजोर पड़ने के बावजूद जंगलों में छिपाए गए विस्फोटक और हथियार अभी भी बड़ा खतरा बने हुए हैं। ऐसे में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर इन डंपों को नष्ट किया जा रहा है, ताकि भविष्य में सुरक्षाबलों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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Author: Khabri Chai

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