अदाणी पावर के 1600 मेगावाट Phase-III विस्तार को मिला ऐतिहासिक जनसमर्थन, पर्यावरणीय जनसुनवाई में उमड़े 1,000 ग्रामीण

रायगढ़, 13 जुलाई। अदाणी पावर लिमिटेड की प्रस्तावित 1600 मेगावाट (2×800 MW) Phase-III अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत विस्तार परियोजना के लिए आयोजित पर्यावरणीय जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। ग्राम सुपा (तहसील पुसौर) में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (CECB) की ओर से आयोजित इस जनसुनवाई में परियोजना प्रभावित 29 ग्राम पंचायतों के लगभग 1,000 ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

जनसुनवाई के दौरान अधिकांश वक्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए इसे क्षेत्र में रोजगार, औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि परियोजना के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और आसपास के गांवों का समग्र विकास होगा।

प्रशासन की निगरानी में हुई पारदर्शी प्रक्रिया

भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना के तहत आयोजित इस जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी मानवेंद्र शेखर पाण्डेय की उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हुई। इस दौरान एसडीएम रायगढ़ महेश शर्मा और सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के. भी मौजूद रहे।

पर्यावरण संरक्षण उपायों की दी जानकारी

जनसुनवाई में अदाणी पावर लिमिटेड के अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने Phase-III परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परियोजना में Ultra Super Critical Technology का उपयोग किया जाएगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन अधिक दक्ष और पर्यावरणीय प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा।

विशेषज्ञों ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन, जल संरक्षण, फ्लाई ऐश प्रबंधन, हरित विकास, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण प्रबंधन योजना (EMP) से जुड़े उपायों की जानकारी दी। ग्रामीणों द्वारा पूछे गए सवालों और सुझावों का भी विस्तार से जवाब दिया गया।

रोजगार और विकास की जताई उम्मीद

जनसुनवाई में बरपाली के सरपंच संजय मैत्री, मिरौनी की सरपंच मीना पटेल, सेमरा के सरपंच गुलाबराम डनसेना, घुघुवा के सरपंच जगन्नाथ चौहान, सरवानी के फणीन्द्र सिदार, अमलीभौना के ओसराम सिदार, सुपा के सरपंच अनिरुद्ध सिदार और बूंगा के उपसरपंच दीनबंधु सिदार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।

अधिकांश वक्ताओं ने कहा कि परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

CSR कार्यों की भी सराहना

ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान अदाणी पावर लिमिटेड एवं अदाणी फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पेयजल, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि Phase-III परियोजना के साथ विकास और जनकल्याण की ये पहलें और अधिक व्यापक होंगी।

पर्यावरणीय मानकों के पालन का भरोसा

अदाणी पावर लिमिटेड ने जनसुनवाई के दौरान आश्वस्त किया कि परियोजना के सभी कार्य भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरणीय नियमों एवं वैधानिक प्रावधानों का पूरी तरह पालन करते हुए किए जाएंगे। कंपनी ने पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और क्षेत्र के सतत सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रशासन और छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की निगरानी में आयोजित यह जनसुनवाई शांतिपूर्ण, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। बड़ी जनभागीदारी और अधिकांश वक्ताओं के समर्थन को परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

Khabri Chai news portal.

Advertisement Carousel